वेल्डहोवेन, नीदरलैंड्स:
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नीदरलैंड्स के वेल्डहोवेन में दुनिया की सबसे बड़ी लिथोग्राफी उपकरण निर्माता कंपनी ASML का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत ने एक नई सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की मजबूत नींव रख दी है। उन्होंने बताया कि सेमीकंडक्टर निर्माण में लिथोग्राफी सबसे जटिल और सटीक प्रक्रिया होती है, जिसमें वेफर पर सर्किट प्रिंट किए जाते हैं। ASML इस तकनीक का वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ा सप्लायर है और दुनिया में बनने वाली लगभग हर चिप में उसकी भूमिका होती है। धोलेरा में बनने वाला भारत का सेमीकंडक्टर फैब ASML के उपकरणों का उपयोग करेगा।
भारत को दुनिया के शीर्ष सेमीकंडक्टर देशों में शामिल करने के लक्ष्य पर बात करते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि 1 जनवरी 2022 को शुरू किए गए इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत 5 साल के भीतर कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू करने का लक्ष्य तय किया गया था। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि पहला कमर्शियल प्रोडक्शन 2026 में ही शुरू हो जाएगा। चार सेमीकंडक्टर प्लांट 2026 में व्यावसायिक उत्पादन शुरू करेंगे, जबकि 2025 में तीन प्लांट्स में पायलट प्रोडक्शन पहले ही शुरू हो चुका है।
#WATCH | Veldhoven, Netherlands: On goal for India to be among the top semiconductor nations and where does the country stand today, Union Electronics and Information Technology Minister Ashwini Vaishnaw says, "When we started the Semiconductor Mission on 1st January 2022, we had… pic.twitter.com/xLcfg9E2RP
— ANI (@ANI) January 24, 2026
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अब उपकरण निर्माता कंपनियां भारत आ रही हैं और मटेरियल मैन्युफैक्चरिंग का पूरा इकोसिस्टम भी धीरे-धीरे स्थापित हो रहा है। टैलेंट डेवलपमेंट को लेकर उन्होंने कहा कि 10 साल में 85 हजार कुशल पेशेवर तैयार करने का लक्ष्य था, लेकिन महज 4 साल में ही 65 हजार टैलेंट विकसित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्थिर नीतियों, डिजाइन क्षमताओं और देश के टैलेंट पर दुनिया का भरोसा बढ़ा है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत AI स्टैक की सभी पांच लेयर्स में लगातार मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत एप्लीकेशन लेयर में लीडर बनेगा और देश में विकसित हो रहे सॉवरेन AI मॉडल भारत की 95 प्रतिशत समस्याओं को हल करने की क्षमता रखते हैं। चिप लेयर का भी तेजी से विकास हो रहा है, जबकि इंफ्रास्ट्रक्चर लेयर में निवेश 70 अरब डॉलर से बढ़कर करीब 90 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। आने वाले समय में यह कमिटेड इन्वेस्टमेंट 150 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
#WATCH | Veldhoven, Netherlands: On India’s real strengths in AI, Union Electronics and Information Technology Minister Ashwini Vaishnaw says, "India's strength in AI is very consistent across the five layers of the AI stack. We will become the leaders in the application layer.… pic.twitter.com/rsTOoviFzq
— ANI (@ANI) January 24, 2026
दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान हुई बैठकों का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर राउंड टेबल में दुनिया के बड़े उद्योग नेताओं ने भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा पर पूरा भरोसा जताया और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। वहीं, AI क्षेत्र के वैश्विक लीडर्स भारत में हो रहे रिसर्च एंड डेवलपमेंट और विकसित हो रहे मॉडलों को लेकर काफी उत्साहित दिखे। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता उसकी AI क्षमताओं को एक अलग स्तर तक ले जाने में अहम भूमिका निभाएगी।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel