भारतीय सेना ने एक बार फिर दुश्मन देश पाकिस्तान को सख्त शब्दों में चेतावनी दी है। सेना ने आज कहा कि भारत जब चाहे, जहां चाहे… पाकिस्तान के आतंकियों को घुस कर मारेगी। सेना की ओर से आज रामचरितमानस की एक चौपाई का भी जिक्र किया गया है।
भय बिनु होय ना प्रीति
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एयर मार्शल एके भारती ने रामचरितमानस की चौपाई पढ़ते हुए कहा, ‘विनय ना मानत जलधा गए तीन दिन बीती। बोले राम सकोप तब भय बिनु होय ना प्रीति…’।
#WATCH | Delhi | #OperationSindoor | On being asked about the message being conveyed by using Ramdhari Singh Dinkar's poem in the video presentation, Air Marshal AK Bharti says, "…'विनय ना मानत जलध जड़ गए तीन दिन बीति। बोले राम सकोप तब भय बिनु होय ना प्रीति'.." pic.twitter.com/WBDdUI47oX
— ANI (@ANI) May 12, 2025
भगवान राम ने गुस्से में आकर कही ये बात
बता दें कि यह लाइन गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित रामचरितमानस की है। यह अयोध्याकांड में है, जब श्रीराम समुद्र से लंका जाने के लिए मार्ग देने की प्रार्थना करते हैं, लेकिन समुद्र नहीं मानता है। तब भगवान श्रीराम गुस्से में आकर कहते हैं…
“विनय ना मानत जलधि गए तीन दिन बीती। बोले राम सकोप तब भय बिनु होय ना प्रीति।”
जैसे को तैसा सबक देना ही पड़ेगा
इसका मतलब है कि समुद्र तीन दिन तक भगवान राम द्वारा विनम्र से की गई प्रार्थना को नहीं मानता है, तब भगवान राम गुस्से में कहते हैं कि बिना डर के कोई आज्ञा भी नहीं मानता है। जैसे को तैसा सबक देना ही पड़ेगा।