सोशल मीडिया कंपनी मेटा (Meta) एक बार फिर विवादों में है। विभिन्न रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि कंपनी के प्लेटफॉर्म—फेसबुक और इंस्टाग्राम—पर बच्चों के यौन शोषण (Child Sexual Abuse Material), डीपफेक और अन्य आपत्तिजनक कंटेंट के प्रसार को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। हालांकि, इन दावों की मेटा या भारत सरकार की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
मोदी का वीडियो हटाने के बाद बढ़ा विवाद
रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली में शिक्षा सुधारों को लेकर हुए आंदोलन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 23 जुलाई को फेसबुक पर साझा किया गया एक वीडियो कुछ समय के लिए प्लेटफॉर्म से हट गया था। इस घटना के बाद विवाद बढ़ा और केंद्र सरकार ने मेटा से स्पष्टीकरण मांगा।
बताया जा रहा है कि इस मामले में मेटा के ग्लोबल अफेयर्स प्रमुख जोएल डेविड कपलान सहित कंपनी के प्रतिनिधियों ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। रिपोर्ट्स में दावा है कि कंपनी की ओर से लिखित रूप में खेद भी व्यक्त किया गया। हालांकि, इस संबंध में किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
बच्चों के यौन शोषण वाले कंटेंट को लेकर भी दावे
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि मेटा के प्लेटफॉर्म पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट और डीपफेक सामग्री के प्रसार को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी पर ऐसे कंटेंट की पहुंच बढ़ाने के लिए विज्ञापन या प्रमोशन के माध्यम से आर्थिक लाभ लेने के आरोप भी लगाए गए हैं।
इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही मेटा ने सार्वजनिक रूप से ऐसी किसी बात को स्वीकार करने संबंधी आधिकारिक बयान जारी किया है।
एल्गोरिदम और ‘न्यूट्रल प्लेटफॉर्म’ पर बहस
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेटा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उसके प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ताओं द्वारा पोस्ट किए गए कंटेंट के लिए केवल एक माध्यम हैं। वहीं, खबरों के अनुसार, केंद्र सरकार का तर्क है कि चूंकि कंटेंट की पहुंच और दृश्यता तय करने में प्लेटफॉर्म का एल्गोरिदम महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए कंपनी पूरी तरह ‘न्यूट्रल इंटरमीडियरी’ होने का दावा नहीं कर सकती।
आगे भी हो सकती है पूछताछ
रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्र सरकार भारतीय आईटी कानूनों के अनुपालन से जुड़े मुद्दों पर मेटा से दोबारा जवाब-तलब कर सकती है। इससे पहले भी इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कथित कंटेंट को लेकर कंपनी को नोटिस जारी किए जाने की खबरें सामने आ चुकी हैं।
फिलहाल, पूरे मामले में कई दावे मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर सामने आए हैं, लेकिन मेटा, संबंधित मंत्रालय या भारत सरकार की ओर से विस्तृत आधिकारिक पुष्टि अभी तक सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।
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