युवाओं और खासकर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय Gen-Z तक अपनी पहुंच बढ़ाने की दिशा में भारत सरकार ने एक और कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंस्टाग्राम पर बढ़ी सक्रियता के बाद अब भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Snapchat पर अपना आधिकारिक अकाउंट शुरू किया है।
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार, 6 अगस्त 2026, को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने लोगों से विदेश मंत्रालय को Snapchat पर जोड़ने और मंत्रालय की गतिविधियों, विशेष कहानियों तथा महत्वपूर्ण अपडेट से जुड़े रहने की अपील की।
रणधीर जायसवाल ने पोस्ट में लिखा, “अब हम Snapchat पर भी हैं! हमें ऐड करें और खास कहानियों, अपडेट्स, दिलचस्प कंटेंट और बहुत कुछ के लिए हमसे जुड़े रहें।” उन्होंने अपनी पोस्ट के अंत में युवाओं की भाषा में लिखा—“आइए Snap करें।”
Gen-Z तक पहुंचने की कोशिश
विदेश मंत्रालय का Snapchat पर आना सरकार की डिजिटल कम्युनिकेशन रणनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। Snapchat युवाओं, विशेषकर Gen-Z के बीच तस्वीरों, छोटे वीडियो, स्टोरीज और विजुअल कंटेंट के लिए लोकप्रिय है।
अब विदेश मंत्रालय इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से भारत की विदेश नीति, वैश्विक दौरों, अंतरराष्ट्रीय बैठकों, सांस्कृतिक कूटनीति और दुनिया के अलग-अलग देशों में भारत की गतिविधियों से संबंधित सामग्री को अधिक आकर्षक और आसान अंदाज में पेश कर सकेगा।
हालांकि विदेश मंत्रालय ने अपनी आधिकारिक घोषणा में इस कदम को सीधे छात्र आंदोलनों से नहीं जोड़ा है, लेकिन यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है, जब केंद्र सरकार और उसके वरिष्ठ नेता युवाओं के साथ सोशल मीडिया के माध्यम से संवाद बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।
We're now on Snapchat!
Add us and stay connected for exclusive stories, updates, engaging content and more.
Let's Snap! pic.twitter.com/LyzjeuYG1I
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) August 6, 2026
पेपर लीक विरोध-प्रदर्शन के बाद बढ़ी डिजिटल सक्रियता
दिल्ली के जंतर-मंतर समेत देश के कई हिस्सों में परीक्षा के पेपर लीक के खिलाफ हुए छात्र प्रदर्शनों के बाद युवाओं की समस्याएं राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गई थीं। इन प्रदर्शनों में परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून की मांग उठाई गई थी।
इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम पर देर रात वीडियो जारी कर छात्रों और युवाओं को संबोधित किया था। प्रधानमंत्री ने पेपर लीक को लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए बेहद पीड़ादायक मुद्दा बताया था। उन्होंने कहा था कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और पेपर लीक के मामलों की तेज सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों जैसे उपायों पर काम किया जा रहा है।
रिपोर्टों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने सांसदों और मंत्रियों को भी इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर अधिक सक्रिय होकर युवाओं से सीधे संवाद करने के लिए प्रोत्साहित किया था।
पीएम मोदी ने युवाओं को कहा था धन्यवाद
अपने पहले वीडियो पर मिली प्रतिक्रियाओं के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने इंस्टाग्राम पर एक और वीडियो जारी किया था। इसमें उन्होंने युवाओं से मिले सकारात्मक सुझावों और प्रतिक्रियाओं के लिए धन्यवाद जताया था।
प्रधानमंत्री ने कहा था, “थैंक्स फ्रेंड्स, कल देर रात आपसे मिलने का मौका मिला। मेरे वीडियो पर आपने जिस तरह प्रतिक्रियाएं दीं और सकारात्मक सुझाव दिए, उसके लिए आप सभी का धन्यवाद। आपका यह प्यार बना रहेगा और हमारा नाता और अधिक सक्रियता से जुड़ता रहेगा।”
वीडियो को साझा करते हुए उन्होंने उन युवाओं का भी आभार व्यक्त किया था, जिन्होंने उनका संदेश देखा और अपनी प्रतिक्रिया दी। यह वीडियो रात करीब 11 बजे इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया था।
युवाओं के अनुसार बदल रही सरकारी संवाद शैली
प्रधानमंत्री की इंस्टाग्राम रील और विदेश मंत्रालय की Snapchat पर एंट्री से संकेत मिलता है कि सरकारी संस्थान अब परंपरागत प्रेस विज्ञप्तियों और औपचारिक बयानों के साथ-साथ छोटे वीडियो, स्टोरीज और विजुअल कंटेंट को भी प्राथमिकता दे रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, युवा वर्ग तक पहुंचने के लिए केवल सूचना देना पर्याप्त नहीं है। अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की भाषा, प्रस्तुति और कंटेंट शैली को समझना भी जरूरी है। विदेश मंत्रालय का Snapchat अकाउंट इसी दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।
इसके जरिए मंत्रालय विदेश यात्राओं के पर्दे के पीछे की झलक, भारतीय दूतावासों की गतिविधियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम, कूटनीतिक मुलाकातें और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़े संक्षिप्त अपडेट साझा कर सकता है।
सोशल मीडिया बना नई कूटनीति का माध्यम
दुनिया के कई देशों के विदेश मंत्रालय पहले से ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल डिजिटल डिप्लोमेसी के लिए करते हैं। भारत का विदेश मंत्रालय भी एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहा है।
Snapchat से जुड़ने के बाद मंत्रालय की पहुंच उन युवा यूजर्स तक भी बढ़ सकती है, जो समाचार और सरकारी अपडेट पारंपरिक माध्यमों के बजाय शॉर्ट वीडियो तथा स्टोरी फॉर्मेट में देखना पसंद करते हैं।
विदेश मंत्रालय की नई पहल यह दर्शाती है कि भारत की कूटनीतिक संवाद शैली भी तेजी से बदलते डिजिटल व्यवहार के अनुसार खुद को ढाल रही है।
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