मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला परिसर को लेकर ऐतिहासिक फैसला आने के बाद इलाके में धार्मिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इंदौर हाई कोर्ट द्वारा भोजशाला को मंदिर घोषित किए जाने और हिंदू पक्ष को पूजा-अर्चना का अधिकार दिए जाने के बाद श्रद्धालु बड़ी संख्या में परिसर में पहुंचकर पूजा कर रहे हैं।
फैसले के बाद परिसर में भक्तों का उत्साह देखने लायक है। श्रद्धालुओं का कहना है कि वर्षों बाद उन्हें बिना किसी रुकावट के दर्शन करने का अवसर मिला है और अब वे नियमित रूप से यहां पूजा करने आएंगे।
#WATCH | Madhya Pradesh | Devotees offer prayers at the Bhojshala complex in Dhar
Indore Bench of the Madhya Pradesh High Court declared the disputed Bhojshala-Kamal Maula complex a temple and granted the Hindu side the right to worship at the site pic.twitter.com/empt4w0ZWe
— ANI (@ANI) May 16, 2026
एक श्रद्धालु ने कहा कि कोर्ट का फैसला उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है और अब वे हर दिन भोजशाला में आकर पूजा करेंगे। वहीं भोज उत्सव समिति के सदस्य राजेश शुक्ला ने इसे वर्षों के संघर्ष का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि अब सदियों बाद भक्त बिना किसी बाधा के देवी की पूजा कर पा रहे हैं और सभी लोग उस दिन का इंतजार कर रहे हैं जब देवी प्रतिमा की पुनर्स्थापना होगी।
कुछ श्रद्धालुओं ने यह भी कहा कि उन्हें इस बार बिना किसी शुल्क के पूजा करने का अवसर मिला और पूरे हिंदू समाज में इस फैसले को लेकर खुशी और उत्साह का माहौल है। कई लोगों ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए भावनात्मक प्रतिक्रिया भी दी।
परिसर में बढ़ी धार्मिक गतिविधियां
फैसले के बाद भोजशाला परिसर में पूजा-अर्चना का सिलसिला लगातार जारी है। स्थानीय प्रशासन की निगरानी में श्रद्धालुओं की आवाजाही हो रही है और माहौल शांतिपूर्ण बताया जा रहा है।
कोर्ट का निर्णय
इंदौर हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में भोजशाला परिसर को वाग्देवी (माता सरस्वती) का मंदिर माना है और हिंदू पक्ष को पूजा का अधिकार प्रदान किया है। इस फैसले के बाद दशकों पुराना विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel