पश्चिम बंगाल में ओबीसी आरक्षण को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षण को 17% से घटाकर 7% कर दिया है। यह फैसला Calcutta High Court के 2024 के आदेश के अनुपालन में लिया गया है।
हाईकोर्ट के आदेश का असर
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया था कि राज्य में केवल 7% ओबीसी आरक्षण ही वैध माना जाएगा और इसके तहत केवल 66 श्रेणियों को ही लाभ मिलेगा। अब सरकार ने उसी आदेश के अनुरूप नई अधिसूचना जारी की है।
नई अधिसूचना में क्या बदला?
सरकार के नए नोटिफिकेशन के अनुसार, 2010 से पहले की ओबीसी सूची को ही लागू किया जाएगा। इसका मतलब है कि अब केवल वही 66 जातियां या वर्ग सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 7% आरक्षण के पात्र होंगे।
पिछली व्यवस्था क्या थी?
इससे पहले Mamata Banerjee के नेतृत्व वाली सरकार में ओबीसी आरक्षण को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया था—
- OBC-A: 49 जातियां (10% आरक्षण)
- OBC-B: 91 जातियां (7% आरक्षण)
इस तरह कुल आरक्षण 17% तक पहुंच गया था।
नई सरकार का फैसला
अब मौजूदा प्रशासन, जिसका नेतृत्व Suvendu Adhikari कर रहे हैं, ने 10% वाली श्रेणी को समाप्त कर दिया है और कुल ओबीसी आरक्षण को 7% तक सीमित कर दिया है।
धार्मिक आधार पर योजनाओं पर भी असर
हाल ही में राज्य सरकार ने एक और बड़ा फैसला लेते हुए धार्मिक आधार पर दी जाने वाली कुछ सरकारी योजनाओं और भत्तों को भी बंद करने की घोषणा की थी। इनमें इमामों और मुअज्जिनों को दिए जाने वाले मासिक भत्ते शामिल थे।
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