स्वरा भास्कर की हमास पर हमदर्दी और ‘उदयपुर फाइल्स’ जैसे विषयों पर दोहरा रवैया
7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हमास आतंकियों के द्वारा किए गए निर्मम हमले ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया था। इस हमले में महिलाओं के साथ बर्बर बलात्कार, प्राइवेट पार्ट्स में गोली मारना, शवों के साथ दुर्व्यवहार जैसी अमानवीय घटनाएँ हुईं, जिन्हें कई बंधकों, प्रत्यक्षदर्शियों और रिपोर्ट्स ने पुष्ट किया। इस भयानक त्रासदी के दो साल बाद, जब पीड़ितों के जख्म अभी भी हरे हैं, स्वरा भास्कर जैसे तथाकथित एक्टिविस्ट और कलाकार इन घटनाओं को ‘अफवाह’ बताकर हमास को क्लीन चिट देने में लगे हैं।
स्वरा भास्कर का एक हालिया ट्वीट इसी लाइन पर था, जिसमें उन्होंने हमास की बर्बरता पर सवाल उठाते हुए उल्टे इजरायल पर आरोप मढ़ दिए। उन्होंने दावा किया कि यौन हिंसा की खबरें ‘मनगढ़ंत’ हैं और इसके पीछे इजरायली प्रोपेगेंडा है। जबकि टाइम्स ऑफ इजरायल, बीबीसी, द टाइम्स (लंदन) और संयुक्त राष्ट्र जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर हमास की क्रूरता की प्रामाणिक गवाही और रिपोर्टें मौजूद हैं।
There is credible, visual evidence of Israel using rape & sexual torture as an instrument against Palestinian in their prisons for decades.. the Hamas-rapes rumours have been debunked by many international orgs & the Haaretz (Israeli newspaper) but BBC must persist… Shameful! https://t.co/g5pmrvAkJq
— Swara Bhasker (@ReallySwara) July 8, 2025
उदाहरण के तौर पर, कीथ सीगल जैसे रिहा बंधकों ने खुलासा किया कि महिलाओं को नुकीली रॉड और बंदूक की नोंक पर प्रताड़ित किया गया। लिशाय मिरान-लवी जैसी पत्नियों ने बताया कि उनके पति अब भी बंधक हैं और हर रोज़ मानसिक-शारीरिक यंत्रणा झेल रहे हैं। शानी लौक जैसी निर्दोष युवती को नग्न कर पिकअप ट्रक में लादकर परेड कराई गई और उसके शव पर भीड़ ने थूका। ये सारे तथ्य कैमरे में कैद हैं, फिर भी स्वरा जैसे लोग इन सबको ‘फेक’ करार देकर एक विकृत नैरेटिव को आगे बढ़ा रहे हैं।
Do Not Forget how this war started!
This video is one of the most horrifying from 7th October of Naama Levy is bleeding and pulled by her hair by a Hamas terrorists from the back of a Jeep while people in Gaza celebrate it!
— Azat (@AzatAlsalim) December 18, 2024
स्वरा का यह रवैया कोई पहली बार नहीं है। इससे पहले भी वे ‘द कश्मीर फाइल्स’ और अब ‘उदयपुर फाइल्स’ जैसे फिल्मों के खिलाफ बोल चुकी हैं। उदयपुर में कन्हैयालाल की निर्मम हत्या का वीडियो पूरी दुनिया ने देखा—कैसे दो कट्टरपंथियों ने खुलेआम उसका गला काटा। अब जब इस पर फिल्म बन रही है, तब भी वही गैंग उसके विरोध में है, जबकि कन्हैयालाल के कातिल कोर्ट में हैं और उन्होंने अपराध कबूल किया है।
स्वरा और उनके जैसे कथित सेकुलर लोग हर बार आतंकवाद और कट्टरपंथ के पीछे खड़े नजर आते हैं—चाहे वो हमास हो, इस्लामिक स्टेट, बोको हरम या फिर उदयपुर हत्याकांड के आरोपी। वे पीड़ितों के दर्द को दबाते हैं और हत्यारों को “प्रेरित” बताकर सहानुभूति बाँटते हैं। लेकिन अब सोशल मीडिया और दुनिया के पास तथ्य और वीडियो हैं, जिन्हें कोई झूठा नैरेटिव नहीं दबा सकता।
Noa was partying in the south of Israel in a peace music festival when Hams terrorists kidnapped her and dragged her from Israel into Gaza.
Noa is held hostage by Hamas.
She could be your daughter, sister, friend.#BringBackOurFamily pic.twitter.com/gi2AStVdTQ
— Hen Mazzig (@HenMazzig) October 7, 2023
स्वरा भास्कर की सोच उन साजिशों का हिस्सा लगती है, जहाँ आतंकियों को ‘पीड़ित’ और पीड़ितों को ‘उकसाने वाला’ बताया जाता है। ऐसे लोग समाज में घृणा, झूठ और अराजकता फैलाते हैं और आतंकवाद को परोक्ष रूप से मानवाधिकार की आड़ में जायज ठहराते हैं। समय आ गया है कि इन दोहरे मापदंडों को जनता खुले तौर पर नकारे, और सच को सच कहने का साहस दिखाए—चाहे वो किसी के भी खिलाफ क्यों न हो।