पुणे, महाराष्ट्र में आयोजित सिम्बायोसिस इंटरनेशनल (डीम्ड यूनिवर्सिटी) के 22वें दीक्षांत समारोह में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने छात्रों को संबोधित करते हुए दुनिया में रुचि लेने और अपनी जिज्ञासा बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग लोग जानकारी को अलग-अलग माध्यमों से ग्रहण करते हैं—कोई मोबाइल से तो कोई किताबों से—लेकिन सबसे अहम बात यह है कि लोग दुनिया में दिलचस्पी लें, क्योंकि दुनिया भारत और भारतीयों में दिलचस्पी ले रही है।
डॉ. जयशंकर ने छात्रों को करियर को लेकर सलाह देते हुए कहा कि व्यक्ति को वही काम करना चाहिए जिसमें उसकी वास्तविक रुचि हो। उन्होंने कहा कि अगर किसी काम में दिलचस्पी है तो उसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन संभव है, लेकिन अगर रुचि नहीं है तो ऊंचा वेतन भी व्यक्ति को औसत प्रदर्शन से आगे नहीं ले जा सकता। उन्होंने युवाओं से अपनी जिज्ञासा और सीखने की इच्छा को बनाए रखने का आह्वान किया।
#WATCH | Pune, Maharashtra | EAM Dr S Jaishankar says, "Different people absorb information differently. Most of you will use this (points to a phone), some of you will use this (points to a book)… But take an interest in the world. It's as simple as that… My message to… pic.twitter.com/mkwqVyhJxx
— ANI (@ANI) December 20, 2025
विदेश मंत्री ने अपने संबोधन में वैश्विक परिदृश्य और भारत की बदलती भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत ने प्रशिक्षित मानव संसाधनों के क्षेत्र में तेजी से प्रगति की है, ऐसे समय में जब कई विकसित देश कुशल कार्यबल की कमी से जूझ रहे हैं। उन्होंने इसे वैश्विक मांग-आपूर्ति के समीकरण में एक बड़े बदलाव के रूप में बताया और कहा कि दुनिया एक वैश्विक कार्यबल के युग में प्रवेश कर चुकी है।
#WATCH | Maharashtra | At the 22nd Convocation of the Symbiosis International (Deemed University) in Pune, EAM Dr S Jaishankar says, "We have started to surge in trained human resources at the very time when many developed nations are struggling to find them. Since demand and… pic.twitter.com/b1RjQwVBU9
— ANI (@ANI) December 20, 2025
डॉ. जयशंकर ने कहा कि इस बढ़ती वैश्विक गतिशीलता के दौर में प्रवासी भारतीयों और वैश्विक कार्यबल के कल्याण को सुनिश्चित करना जरूरी है, खासकर संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में। साथ ही उन्होंने इस गतिशीलता से जुड़ी राजनीति और नीतिगत चुनौतियों को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी कार्यक्रम को लेकर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने लिखा कि पुणे में सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के 22वें दीक्षांत समारोह में भाग लेकर उन्हें खुशी हुई। उन्होंने छात्रों से पिछले एक दशक में चुनौतीपूर्ण अंतरराष्ट्रीय माहौल के बीच भारत के लगातार बढ़ते वैश्विक कद पर चर्चा की और उन्हें आत्मविश्वास के साथ वैश्विक कार्यस्थल में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
The world is waiting!
Delighted to participate in the 22nd Convocation of Symbiosis International (Deemed University) in Pune today.
Spoke to the students about India’s steady rise, especially in the past decade, amid a challenging international landscape.
Encouraged them to… https://t.co/wvMgnHTnsk pic.twitter.com/ngoj5E3smx
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) December 20, 2025
डॉ. जयशंकर ने 40 से अधिक देशों से आए सभी स्नातक छात्रों को उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि भारत आज दुनिया में एक बड़ी भूमिका निभा रहा है, ऐसे में युवा पीढ़ी के लिए अवसर भी तेजी से बढ़ रहे हैं।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel