UNESCO की लिस्ट में शामिल हुए शिवाजी महाराज के 12 किले
UNESCO ने ‘मराठा मिलिट्री लैंडस्केप्स’ के तहत छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़े 12 ऐतिहासिक किलों को विश्व धरोहर सूची (World Heritage List) में शामिल किया है। यह निर्णय पेरिस में आयोजित विश्व धरोहर समिति (WHC) के 47वें सत्र के दौरान लिया गया। यह भारत की 44वीं संपत्ति है जिसे यह वैश्विक मान्यता मिली है।
Every Indian is elated with this recognition.
These ‘Maratha Military Landscapes’ include 12 majestic forts, 11 of which are in Maharashtra and 1 is in Tamil Nadu.
When we speak of the glorious Maratha Empire, we associate it with good governance, military strength, cultural… https://t.co/J7LEiOAZqy
— Narendra Modi (@narendramodi) July 12, 2025
ये किले न केवल मराठा साम्राज्य की सैन्य रणनीति और वास्तुकला के अद्भुत उदाहरण हैं, बल्कि शिवाजी महाराज के ‘हिंदवी स्वराज’ के संकल्प की साक्षी भी हैं। ये किले महाराष्ट्र और तमिलनाडु में स्थित हैं और मराठाओं की रक्षा नीति, समुद्री सुरक्षा और युद्ध कौशल का जीवंत चित्र प्रस्तुत करते हैं।
Historic! Proud! & Glorious moment!
Maharashtra Govt offers Salutations to our beloved Chhatrapati Shivaji Maharaj!!
Heartiest congratulations to all the citizens and ShivBhakts of Maharashtra…
12 forts of Chhatrapati Shivaji Maharaj listed on UNESCO World Heritage List!
— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) July 11, 2025
शामिल किलों की सूची:
- महाराष्ट्र में स्थित 11 किले: साल्हेर, शिवनेरी, लोहगढ़, खंडेरी, रायगढ़, राजगढ़, प्रतापगढ़, सुवर्णदुर्ग, पन्हाला, विजयदुर्ग, सिंधुदुर्ग
- तमिलनाडु में स्थित: जिंजी (Gingee) किला
इन किलों की विशेषताएँ:
- साल्हेर: महाराष्ट्र का सबसे ऊँचा किला (नासिक)
- शिवनेरी: शिवाजी महाराज का जन्मस्थान (पुणे)
- रायगढ़: शिवाजी की राजधानी और राज्याभिषेक स्थल
- सिंधुदुर्ग, खंडेरी, सुवर्णदुर्ग, विजयदुर्ग: समुद्री और द्वीप किले – मराठा नौसेना की ताकत के प्रतीक
- प्रतापगढ़: अफजल खान के साथ प्रसिद्ध युद्ध का गवाह
- जिंजी किला (तमिलनाडु): दक्षिण भारत का सबसे मजबूत पहाड़ी किला

नेताओं की प्रतिक्रियाएँ:
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि को हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण बताया और इन किलों को देखने की अपील की।
- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, यह मराठा गौरव और शिवाजी महाराज की विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलने का दिन है।
- गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ये किले हिंदवी स्वराज के आधार स्तंभ रहे हैं।
- उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा, ये किले शिवाजी महाराज की वीरता, सूझबूझ और युद्ध नीति को दर्शाते हैं।
ऐतिहासिक महत्त्व:
ये किले पहाड़ों, जंगलों और समुद्रों के बीच रणनीतिक रूप से बनाए गए थे। मराठा साम्राज्य ने इन किलों की मदद से आक्रांताओं से देश को सुरक्षित रखा और मजबूत स्थानीय शासन की नींव रखी। ये किले आज भी भारत के इतिहास, आत्मसम्मान और स्वराज्य की प्रेरणा बने हुए हैं।