‘समर्थ उत्तर प्रदेश – विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ विजन डॉक्यूमेंट के लिए चलाए जा रहे अभियान को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। राज्य सरकार के पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर मात्र चार दिनों में 27,500 से अधिक सुझाव दर्ज किए गए हैं। यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 3 सितंबर को लखनऊ में शुरू की गई थी, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया था कि यह अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के हर नागरिक को विकास की प्रक्रिया में भागीदार बनाने का एक प्रयास है। रविवार तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, कुल 27,551 सुझाव मिले, जिनमें से 18,780 पुरुषों ने, 8,459 महिलाओं ने और 312 लोगों ने बिना लिंग पहचान बताए सुझाव दिए। दिलचस्प पहलू यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों से 22,158 सुझाव आए जबकि शहरी क्षेत्रों से केवल 5,393 सुझाव दर्ज हुए। इससे स्पष्ट होता है कि ग्रामीण आबादी राज्य के दीर्घकालिक विकास को लेकर कितनी सजग और सक्रिय है।
इन सुझावों में सबसे अधिक शिक्षा से जुड़े विचार सामने आए हैं, जो दर्शाता है कि जनता मानती है कि सतत और व्यापक विकास की असली कुंजी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही है। शिक्षा के साथ ही स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, आईटी, आधारभूत संरचना, पर्यटन, सामाजिक कल्याण, सुरक्षा और सुशासन जैसे क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर सुझाव आए हैं। ये बारह प्राथमिक क्षेत्र वे आधार हैं जिन पर विजन 2047 का खाका तैयार किया जा रहा है। इस पूरी कवायद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत @2047’ के सपने से जोड़ते हुए राज्य सरकार ने इसे आर्थिक ताकत, नवाचार और जीवंतता जैसे तीन स्तंभों पर आधारित किया है।
विकसित उत्तर प्रदेश-2047 विजन डॉक्यूमेंट के लिए पोर्टल https://t.co/sIuje0YtFy पर दें सुझाव
👉🏻 महज चार दिनों में 27 हजार से अधिक लोगों ने दिए सुझाव
👉🏻 सुझाव देने वालों में गांव वाले शहर वालों से आगे#NayeBharatKaNayaUP pic.twitter.com/YvjAvNyEmm
— Government of UP (@UPGovt) September 9, 2025
अभियान की शुरुआत लखनऊ के लोक भवन में एक ओरिएंटेशन वर्कशॉप से हुई थी, जिसमें 400 से अधिक रिटायर अधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ मौजूद रहे। इस अवसर पर प्रदर्शित एक लघु फिल्म में 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को दिखाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे “शताब्दी संकल्प अभियान” बताते हुए कहा कि राज्य के भविष्य का रोडमैप जनता की सहभागिता से ही बनेगा। उन्होंने खास तौर पर बुद्धिजीवियों, पेशेवरों और बुजुर्गों से अपील की कि वे अपने अनुभव और ज्ञान को राज्य के दीर्घकालिक विकास में योगदान दें।
राज्य की आर्थिक उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले आठ वर्षों में प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 13 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 35 लाख करोड़ रुपए तक पहुँच गया है। इससे उत्तर प्रदेश देश की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है। अब सरकार का लक्ष्य 2047 तक प्रदेश को 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था में तब्दील करना है। इसके लिए व्यापक जनभागीदारी के साथ-साथ विशेषज्ञों के विचार और नीति आयोग का मार्गदर्शन भी लिया जा रहा है।
इस अभियान का संचालन चरणबद्ध ढंग से हो रहा है। पहले चरण में कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में सेमिनार और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि युवाओं को जोड़ा जा सके। इसके बाद मंत्रियों, सांसदों और विधायकों की सक्रिय भागीदारी होगी। सरकार की योजना है कि ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर तक प्रस्ताव पारित किए जाएँ ताकि जमीनी स्तर पर हर नागरिक का विचार इस विजन डॉक्यूमेंट में शामिल हो सके। पोर्टल को सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। साथ ही सार्वजनिक स्थानों, स्कूलों और कॉलेजों में क्यूआर कोड लगाए गए हैं, जिन्हें स्कैन करके लोग आसानी से अपने सुझाव भेज सकते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्राप्त सभी सुझावों का मूल्यांकन संबंधित विषय के विशेषज्ञों और नीति आयोग द्वारा किया जाएगा। जिन सुझावों में नवीनता और व्यावहारिकता होगी, उन्हें अंतिम विजन डॉक्यूमेंट का हिस्सा बनाया जाएगा और ऐसे सुझाव देने वालों को जिला और राज्य स्तर पर सम्मानित भी किया जाएगा। प्रचार-प्रसार के लिए अभियान को अखबारों, टीवी, रेडियो, सोशल मीडिया और होर्डिंग्स के माध्यम से व्यापक रूप से प्रसारित किया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इससे जुड़ सकें।
यह पहल केवल भविष्य की आर्थिक रणनीति का खाका तैयार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के नागरिकों को यह अहसास दिला रही है कि वे राज्य की नीतियों और योजनाओं का अभिन्न हिस्सा हैं। इस सामूहिक प्रयास के जरिए सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक उत्तर प्रदेश न केवल भारत की आर्थिक ताकत बने बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, नवाचार और सुशासन के क्षेत्र में भी वैश्विक स्तर पर एक उदाहरण प्रस्तुत करे।
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