उत्तराखंड की राजधानी देहरादून इस समय भारी बारिश की चपेट में है, जिसके चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। सोमवार देर रात से लगातार हो रही बारिश ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव और नदियों में उफान ला दिया है। सबसे अधिक असर तमसा नदी के किनारे स्थित प्रसिद्ध टपकेश्वर महादेव मंदिर पर पड़ा है। नदी के जलस्तर में अचानक तेजी से हुई वृद्धि के कारण पूरा मंदिर परिसर जलमग्न हो गया। मंदिर के पुजारी आचार्य बिपिन जोशी के अनुसार, सुबह करीब 5 बजे से ही पानी बढ़ना शुरू हो गया था और देखते ही देखते मंदिर के आंगन तक पानी भर गया। हालांकि मंदिर का गर्भगृह सुरक्षित है, लेकिन ऐसी भयावह स्थिति कई वर्षों बाद देखने को मिली है। पुजारी ने स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नदी और नालों के किनारे जाने से बचें, क्योंकि स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।
#WATCH | Uttarakhand | Tamsa river in spate and Tapkeshwar Mahadev temple inundated as heavy rainfall lashes Dehradun.
Temple priest Acharya Bipin Joshi says, "The river started flowing heavily since 5 AM, the entire temple premises were submerged… This kind of situation had… pic.twitter.com/4E6PhKBM6K
— ANI (@ANI) September 16, 2025
भारी बारिश से शहर के कई हिस्सों में नुकसान हुआ है। सड़कों पर जगह-जगह जलभराव के कारण यातायात प्रभावित है और कई स्थानों पर छोटे पुल व रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सहस्त्रधारा क्षेत्र में देर रात हुई अतिवृष्टि से कई दुकानों को नुकसान पहुंचा है। स्थिति की जानकारी मिलते ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चिंता जताई और सोशल मीडिया पर अपडेट साझा करते हुए बताया कि जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि वे लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं और स्वयं स्थिति की निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी भी तरह की आपदा की स्थिति को तुरंत नियंत्रित किया जा सके।
देहरादून के सहस्त्रधारा में देर रात हुई अतिवृष्टि से कुछ दुकानों को नुकसान पहुंचने की दुःखद सूचना प्राप्त हुई है। जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, पुलिस मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं।
इस सम्बन्ध में निरंतर स्थानीय प्रशासन से संपर्क में हूँ और स्वयं स्थिति की…
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) September 16, 2025
इस बीच, प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए देहरादून जिले के सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है। अधिकारियों ने चेतावनी जारी कर निवासियों से अपील की है कि वे बाढ़ और भूस्खलन की संभावनाओं को देखते हुए सतर्क रहें, अनावश्यक यात्रा न करें और नदियों-नालों के पास न जाएं। ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति और सड़क संपर्क भी बाधित हुआ है, जिसके कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
#WATCH | Uttarakhand | The Chandrabhaga River in Rishikesh has been in spate since this morning, causing water to reach the highway. Three people stranded in the river were rescued by the SDRF team, while several vehicles remain stuck in the water: SDRF
(Video Source: SDRF) pic.twitter.com/iOWiF1Wnxh
— ANI (@ANI) September 16, 2025
मौसम विभाग ने राज्य में लगातार हो रही वर्षा को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, मंगलवार को देहरादून, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत और नैनीताल जिलों में अधिकांश स्थानों पर गर्जन के साथ हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। वहीं, देहरादून, चमोली, चंपावत, उधम सिंह नगर, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल में कहीं-कहीं भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन जिलों में वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर हो सकते हैं, जिससे बाढ़ और भूस्खलन का खतरा और बढ़ सकता है। राज्य के अन्य जनपदों में भी कहीं-कहीं बिजली चमकने और भारी बारिश होने के आसार बने हुए हैं।
#WATCH | Uttarakhand: River Sahastradhara flooded due to heavy rains in Dehradun since last night. Debris came into the main market, causing damage to hotels and shops. pic.twitter.com/f4WoAOWleP
— ANI (@ANI) September 16, 2025
देहरादून में आज आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है और गर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। तापमान की बात करें तो अधिकतम तापमान लगभग 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने नागरिकों को आगाह किया है कि वे मौसम के हालात को देखते हुए सतर्क रहें और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें। कुल मिलाकर, उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी दोनों ही क्षेत्रों में बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं, लेकिन राहत-बचाव दल लगातार काम में जुटे हुए हैं और फिलहाल किसी भी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है।
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