घरेलू शेयर बाजार ने मंगलवार को शुरुआती सुस्ती से उबरते हुए मजबूत रफ्तार पकड़ी और कारोबार के दौरान निवेशकों का भरोसा बढ़ता नजर आया। सुबह 10 बजकर 51 मिनट तक सेंसेक्स 294.83 अंकों की तेजी के साथ 82,080.57 के स्तर पर पहुंच गया था, जबकि निफ्टी भी 83.1 अंक चढ़कर 25,152.30 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। दिलचस्प बात यह रही कि आज सुबह बाजार ने लगभग सपाट शुरुआत की थी। सुबह 9 बजकर 17 मिनट पर बीएसई सेंसेक्स केवल 34.09 अंकों की हल्की बढ़त के साथ 81,819.83 पर था और एनएसई निफ्टी 8.65 अंक की मामूली तेजी के साथ 25,077.85 पर कारोबार कर रहा था। शुरुआती सतर्कता के बाद निवेशकों ने बैंकिंग, ऑटो और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के शेयरों में खरीदारी दिखाते हुए बाजार को ऊपर खींचा।
निफ्टी के प्रमुख लाभार्थियों में कोटक महिंद्रा बैंक, एलएंडटी, एक्सिस बैंक, हीरो मोटोकॉर्प और बजाज फिनसर्व शामिल रहे। वहीं टाइटन कंपनी, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, एशियन पेंट्स, टाटा कंज्यूमर और जियो फाइनेंशियल के शेयरों पर दबाव देखा गया। सेंसेक्स की कंपनियों में महिंद्रा एंड महिंद्रा, कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक, लार्सन एंड टुब्रो, अल्ट्राटेक सीमेंट और एनटीपीसी ने अच्छी बढ़त दर्ज की, जबकि टाइटन, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक और भारतीय स्टेट बैंक के शेयर लाल निशान में बंद हुए। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी 0.3% की मजबूती देखने को मिली, जो बताता है कि छोटे और मझोले शेयरों में निवेशकों की रुचि बनी हुई है। सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जो व्यापक सुधार का संकेत देते हैं।
एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 1,268.59 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री की थी। इसके बावजूद घरेलू निवेशकों की सक्रिय खरीदारी ने बाजार को मजबूती दी। यह रुझान दर्शाता है कि घरेलू पूंजी प्रवाह और निवेशक भावना ने विदेशी बिकवाली के असर को संतुलित किया।
अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर भी बाजारों में उतार-चढ़ाव रहा। फेडरल रिजर्व द्वारा इस साल ब्याज दरों में पहली कटौती की संभावना से एशियाई शेयर बाजारों में मिला-जुला असर देखा गया। वॉल स्ट्रीट पर बने नए रिकॉर्ड ने कुछ बाजारों को सहारा दिया, लेकिन अन्य बाजार दबाव में रहे। जापान का निक्केई 225 छुट्टी के बाद कारोबार में लौटा और 45,000 के ऐतिहासिक स्तर के करीब पहुंच गया। सुबह यह 0.3% बढ़कर 44,904.13 पर कारोबार कर रहा था, जो निवेशकों के विश्वास का संकेत है।
अन्य एशियाई बाजारों में भी अलग-अलग रुझान देखने को मिले। ऑस्ट्रेलिया का S\&P/ASX 200 इंडेक्स 0.2% बढ़कर 8,871.30 पर बंद हुआ, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 1.1% की जोरदार छलांग के साथ 3,446.13 पर पहुंच गया। दूसरी ओर, हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.2% गिरकर 26,384.95 पर और चीन का शंघाई कंपोज़िट 0.4% टूटकर 3,846.61 पर बंद हुआ। यह संकेत देता है कि वैश्विक निवेशक अभी भी अमेरिकी मौद्रिक नीति और एशियाई अर्थव्यवस्थाओं की स्थिति को लेकर सतर्क हैं।
कुल मिलाकर, घरेलू बाजार में बैंकिंग और ऑटो सेक्टर की मजबूती ने तेजी की अगुवाई की, जबकि विदेशी बिकवाली और कुछ चुनिंदा शेयरों की कमजोरी के बावजूद निवेशकों ने व्यापक स्तर पर भरोसा जताया। वैश्विक संकेतों में उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय बाजार का यह प्रदर्शन निवेशकों के लिए उत्साहजनक माना जा रहा है।
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