ब्रिटेन की राजधानी लंदन में भारतीय मूल की 24 वर्षीय महिला किरणदीप कौर की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। यह सनसनीखेज वारदात पश्चिमी लंदन के हेस इलाके में अक्सब्रिज रोड स्थित एक मकान में हुई। पुलिस ने मामले में 44 वर्षीय डेनियल सीन जेम्स को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और धारदार हथियार रखने के आरोप लगाए हैं।
किरणदीप कौर मूल रूप से पंजाब के तरनतारन जिले के पिद्दी गांव की रहने वाली थीं। वह कुछ समय से ब्रिटेन में रह रही थीं और हाल ही में एक बच्चे की मां बनी थीं। उनकी अचानक हुई मौत से पंजाब स्थित परिवार और ब्रिटेन में रहने वाला सिख समुदाय गहरे सदमे में है।
सुबह 7:55 बजे मिली चाकूबाजी की सूचना
मेट्रोपॉलिटन पुलिस के अनुसार, रविवार 12 जुलाई 2026 की सुबह लगभग 7:55 बजे हेस के अक्सब्रिज रोड स्थित एक मकान में चाकूबाजी की सूचना मिली थी। पुलिस और लंदन एम्बुलेंस सेवा की टीम मौके पर पहुंची तो किरणदीप कौर गंभीर रूप से घायल मिलीं।
आपातकालीन सेवाओं ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटनास्थल के बाहर 20 वर्ष से अधिक उम्र का एक युवक भी चाकू लगने से घायल मिला। उसे अस्पताल ले जाया गया और उसकी चोटों को जानलेवा नहीं बताया गया।
आरोपी पर हत्या और हत्या के प्रयास का आरोप
पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल के पास संदिग्ध हुलिए से मेल खाने वाले एक व्यक्ति को हिरासत में लिया। आरोपी की पहचान 44 वर्षीय डेनियल सीन जेम्स के रूप में हुई है, जो पिन्नर के मर्सर प्लेस का निवासी बताया गया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी को सोमवार 13 जुलाई को औपचारिक रूप से हत्या, हत्या के प्रयास और धारदार हथियार रखने के आरोप में चार्ज किया गया। उसे 14 जुलाई को विल्सडेन मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया जाना था।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, घटनास्थल से भागने के प्रयास के दौरान आरोपी एक खिड़की से कूद गया था, जिससे उसे भी चोटें आईं। गिरफ्तारी के बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया था।
परिवार को नस्लीय हमले का शक
किरणदीप कौर के परिवार ने आशंका जताई है कि हमले के पीछे नस्लीय नफरत हो सकती है। परिवार ने ब्रिटिश जांच एजेंसियों से इस पहलू की भी गंभीरता से जांच करने की मांग की है।
हालांकि, मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने अभी तक हमले के मकसद की सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं की है। इसलिए इस वारदात को फिलहाल आधिकारिक रूप से हेट क्राइम या नस्लीय हमला घोषित नहीं किया गया है।
बेहतर भविष्य के लिए ब्रिटेन गई थीं किरणदीप
परिवार के अनुसार, किरणदीप ने पंजाब से बीएससी की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद परिवार ने बेहतर शिक्षा और रोजगार की उम्मीद में उन्हें सितंबर 2024 में स्टूडेंट वीजा पर ब्रिटेन भेजा था।
परिवार का कहना है कि किरणदीप की पढ़ाई और विदेश भेजने के खर्च के लिए कृषि भूमि तक बेचनी पड़ी थी। उन्हें उम्मीद थी कि बेटी पढ़ाई पूरी करने के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद करेगी। लेकिन लंदन में हुई इस घटना ने परिवार की सभी उम्मीदों को तोड़ दिया।
नवजात बच्चे ने खोई मां
किरणदीप कौर ने कुछ समय पहले ही एक बच्चे को जन्म दिया था। परिवार और परिचितों ने उन्हें खुशमिजाज, मिलनसार और अपने बच्चे से बेहद प्यार करने वाली मां बताया है।
उनकी मौत के बाद सबसे बड़ी चिंता उनके नवजात बच्चे की देखभाल और सुरक्षा को लेकर है। परिवार का कहना है कि बच्चे के जन्म से घर में खुशियों का माहौल था, लेकिन अब पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मीडिया रिपोर्टों में परिवार के सदस्यों ने उन्हें एक शानदार और प्यार करने वाली मां के रूप में याद किया है।
शव भारत लाने के लिए सरकार से मदद की अपील
पंजाब में रह रहे किरणदीप कौर के परिजनों ने भारत सरकार और पंजाब सरकार से उनका पार्थिव शरीर जल्द से जल्द भारत लाने में सहायता करने की अपील की है।
परिवार ने ब्रिटिश प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी को कानून के तहत कड़ी सजा दिलाने की भी मांग की है। स्थानीय सिख संगठन भी पीड़ित परिवार की सहायता और घटना के संभावित नस्लीय पहलू की जांच की मांग कर रहे हैं।
पुलिस की जांच जारी
मेट्रोपॉलिटन पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। जांच एजेंसियां घटनास्थल से मिले सबूतों, प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि घटना से जुड़ी कोई भी जानकारी या वीडियो उपलब्ध होने पर जांच अधिकारियों से संपर्क करें। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में आम लोगों के लिए किसी व्यापक खतरे के संकेत नहीं मिले हैं।
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