नीट पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई दिनों तक चला प्रदर्शन अब समाप्त हो चुका है। प्रदर्शनकारियों की मांगों को स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं, जिनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी शामिल है। हालांकि, इस आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां और अभद्र भाषा का मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है।
संसद के मॉनसून सत्र के दौरान भाजपा सांसद कंगना रनौत ने इस मामले को उठाते हुए प्रदर्शनकारियों की भाषा और व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े किए। कंगना रनौत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो 75 वर्ष की आयु में देश का नेतृत्व कर रहे हैं, उन्हें निशाना बनाया गया और उनकी दिवंगत मां के लिए भी बेहद आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया।
#WATCH | Delhi: BJP MP Kangana Ranaut says, "Our 75-year-old Prime Minister was targeted, and filthy abuse was hurled at his late mother. We, too, have participated in student protests. But what kind of students are these, and what kind of obscene language are they using? In what… pic.twitter.com/S4uFS0C9NI
— ANI (@ANI) July 28, 2026
कंगना ने कहा कि उन्होंने स्वयं छात्र आंदोलनों को देखा और समझा है, लेकिन इस तरह की अश्लील और अपमानजनक भाषा किसी भी लोकतांत्रिक विरोध का हिस्सा नहीं हो सकती। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ये वास्तव में छात्र हैं, तो उन्हें अपनी जिम्मेदारियों और मर्यादाओं का भी ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को अपने भविष्य और करियर पर ध्यान देना चाहिए तथा परिवार पर अनावश्यक बोझ नहीं बनना चाहिए।
भाजपा सांसद ने केंद्र सरकार द्वारा परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए उठाए गए कदमों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशहित में हर स्तर पर समस्याओं के समाधान का प्रयास किया है। कंगना के अनुसार, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने और परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने के लिए सरकार ने उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।
कंगना रनौत ने हाल ही में संसद में पेश किए गए ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026’ का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है जिसके तहत युवाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के दौरान शिक्षा क्षेत्र को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं दी गई, जबकि वर्तमान सरकार शिक्षा सुधार और परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। कंगना ने कहा कि विपक्ष की आलोचना उनकी राजनीतिक निराशा को दर्शाती है।
नीट पेपर लीक विवाद और उससे जुड़े आंदोलन के समाप्त होने के बाद अब केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित शिक्षा सुधारों और परीक्षा प्रणाली में बदलावों पर देशभर की निगाहें टिकी हुई हैं।
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