इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक ट्रेन का लोको पायलट (ड्राइवर) इंजन के ऊपर चढ़कर उसमें एक बोरी बालू (रेत) डालता नजर आ रहा है। यह नज़ारा देखकर लोग हैरान हैं और सवाल कर रहे हैं कि आखिर ड्राइवर ने ऐसा क्यों किया? वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि ड्राइवर लोहे की सीढ़ियों पर चढ़कर इंजन के एक छेद में रेत भर रहा है। यह वीडियो इंस्टाग्राम यूज़र @kamleshshergill72 द्वारा शेयर किया गया है, जिसे अब तक तीन करोड़ से ज्यादा लोग देख चुके हैं और हजारों प्रतिक्रियाएं मिल चुकी हैं।
दरअसल, इस काम के पीछे एक अहम तकनीकी कारण है। ट्रेन के पहिए और पटरियां दोनों लोहे की बनी होती हैं, और बारिश या नमी के कारण इनमें फिसलन बढ़ जाती है। इससे ट्रेन के पहिए फिसल सकते हैं, खासकर ब्रेकिंग या तेज़ी से चलने के समय। इस फिसलन को रोकने और ट्रैक्शन (घर्षण) बढ़ाने के लिए इंजन में “सैंड बॉक्स” नामक एक यंत्र होता है, जिसमें रेत भरी जाती है। जरूरत पड़ने पर यह रेत पहियों और पटरियों के बीच गिरती है, जिससे घर्षण बढ़ता है और ट्रेन सुरक्षित तरीके से चल सकती है।
इसलिए ड्राइवर द्वारा इंजन में रेत डालना एक तकनीकी आवश्यकता है, ताकि ट्रेन की पकड़ पटरियों पर बनी रहे और वह सुरक्षित तरीके से चले, खासकर फिसलन वाली परिस्थितियों में। यह वीडियो भले ही आम लोगों को अजीब लग रहा हो, लेकिन रेलवे के लिए यह एक सामान्य और जरूरी प्रक्रिया है।