बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना के बीच राजनीतिक माहौल बेहद गर्म हो गया है। भारतीय चुनाव आयोग द्वारा जारी आधिकारिक पार्टी-वार रुझानों के अनुसार, बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर रही है। बीजेपी को 91 सीटों पर बढ़त मिली है, जबकि उसके सहयोगी जेडीयू 82 सीटों पर आगे चल रही है। एनडीए गठबंधन स्पष्ट रूप से बहुमत के आंकड़े को पार करता हुआ दिख रहा है। दूसरी तरफ, विपक्षी दलों का प्रदर्शन फीका पड़ता दिखाई दे रहा है—आरजेडी सिर्फ 25 सीटों पर आगे है, लोजपा (रामविलास) 21 सीटों पर, कांग्रेस 4, एआईएमआईए और हमस 5-5 सीटों पर तथा सीपीआई(एमएल) और निर्दलीय सहित अन्य उम्मीदवार 10 सीटों पर आगे चल रहे हैं। कुल 243 में से सभी सीटों के रुझान सामने आ चुके हैं।
लेकिन इसी बीच राजनीतिक हलचल बढ़ाने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि आरजेडी ने निर्वाचन आयोग द्वारा जारी रुझानों और परिणामों को मानने से इंकार कर दिया है। दावा किया जा रहा है कि पार्टी अपने सभी जीते हुए विधायकों से भी इस्तीफा दिलाने की तैयारी में है। हालाँकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी तक आरजेडी की ओर से नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक हलचलों से संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी मतगणना प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठा रही है।
आरजेडी सांसद मनोज झा ने भी मतगणना की धीमी गति और कई सीटों पर कम अंतर की ओर गंभीर संकेत किए हैं। उन्होंने कहा कि 65–70 सीटों पर जीत का अंतर 3000–5000 वोटों से भी कम है, और ऐसी स्थिति में तस्वीर अभी पूरी तरह बदल सकती है। उन्होंने “मनोवैज्ञानिक खेल” होने की बात भी कही और आरोप लगाया कि गिनती की गति असामान्य रूप से धीमी है। झा ने यह भी याद दिलाया कि कई बार शुरुआती रुझान अंतिम परिणामों में पूरी तरह बदल जाते हैं।
वहीं एनडीए खेमे में माहौल उत्साह से भरा हुआ है। दरभंगा की अलीनगर सीट से भाजपा उम्मीदवार मैथिली ठाकुर ने अपनी बढ़त पर जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह जीत जनता के विश्वास की जीत है, न कि उनकी व्यक्तिगत विजय। उन्होंने कहा कि वे जनता की उम्मीदों पर पूरी तरह खरी उतरेंगी।
बीजेपी के सहयोगी और हम (सेक्युलर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन ने कहा कि बिहार में जनता ने विकास और स्थिरता के लिए वोट किया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बिहार को दी जा रही योजनाओं की श्रृंखला तेजी से आगे बढ़ती रहेगी। सुमन ने विश्वास जताया कि पश्चिम बंगाल में भी एनडीए इसी तरह जीत दर्ज करेगा।
दिल्ली से भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने भी बिहार की जनता का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह जीत मोदी और नीतीश पर जनता के अटूट विश्वास की जीत है। उन्होंने एनडीए के पाँच दलों को “बिहार के पांडव” बताते हुए कहा कि यह गठबंधन अद्भुत और शक्तिशाली है, जिसने बिहार की उम्मीदों को नई दिशा दी है।
मतगणना जारी है और राजनीतिक बयानबाज़ी भी चरम पर है। आने वाले कुछ घंटों में स्थिति और स्पष्ट होगी, लेकिन अभी तक के रुझान यह साफ संकेत देते हैं कि बिहार की सत्ता की चाबी एनडीए के हाथों में पहुँचने वाली है, जबकि विपक्षी दल रणनीति और मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाते नज़र आ रहे हैं।
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