Aligarh Muslim University (AMU) में एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। यूनिवर्सिटी के एक छात्र शहबाज के कमरे से पुलिस ने नकली नोट, जिंदा कारतूस और अन्य संदिग्ध सामान बरामद किया है। छापेमारी से पहले ही आरोपी छात्र फरार हो गया, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने 13 अप्रैल को उसे सस्पेंड कर दिया।
छापेमारी में क्या-क्या मिला
पुलिस और Uttar Pradesh ATS की संयुक्त कार्रवाई में हॉस्टल के कमरे से 32 बोर पिस्टल की गोलियां, 12 बोर के कारतूस, नकली नोट, 8 मोबाइल फोन, मैगजीन, खोखे और फर्जी आईडी कार्ड बरामद हुए। हालांकि छापेमारी के दौरान आरोपी मौके पर नहीं मिला।
113 संदिग्धों की सूची तैयार
जांच के दौरान पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 113 संदिग्धों की सूची तैयार की है। इन सभी की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और तलाशी अभियान चलाया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, सोशल और आपराधिक नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
#WATCH अलीगढ़, उत्तर प्रदेश: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) हॉस्टल में पुलिस की रेड के बाद स्टूडेंट के कमरे से नकली नोट और कारतूस मिले।
इस पर AMU के प्रॉक्टर मोहम्मद नावेद खान ने कहा, "… हमने बच्चे के बारे में अपने रिकॉर्ड चेक किए और उसने यूनिवर्सिटी में 2 अलग-अलग समय पर… pic.twitter.com/r2qTwphmIr
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 13, 2026
फर्जी सर्टिफिकेट और अवैध कब्जे का खुलासा
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के पास हाईस्कूल और 12वीं के फर्जी सर्टिफिकेट थे। Aligarh Muslim University प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उसने 12वीं AMU से नहीं की थी।
इसके अलावा, आरोपी को हॉस्टल का कमरा आधिकारिक रूप से आवंटित नहीं था और वह अवैध रूप से वहां रह रहा था।
पुलिस जांच जारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद नकली नोट और हथियार किस उद्देश्य से रखे गए थे और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। यह कार्रवाई हाल ही में Civil Lines Aligarh में हुई फायरिंग की घटना से जुड़े सुराग मिलने के बाद की गई।
पहले भी सामने आ चुके हैं मामले
यह पहली बार नहीं है जब AMU का नाम ऐसे मामलों में सामने आया हो। 2023 में ISIS से जुड़े मॉड्यूल का खुलासा हुआ था, जिसमें कुछ छात्रों की संलिप्तता सामने आई थी। उस दौरान भी कई गिरफ्तारियां हुई थीं और कट्टरपंथी गतिविधियों की जांच की गई थी।
प्रशासन सख्त
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी है और कहा है कि कुछ लोगों की वजह से 26 हजार से अधिक छात्रों का भविष्य प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही छात्रों से अपील की गई है कि संदिग्ध गतिविधियों की गोपनीय जानकारी प्रशासन को दें।