click
One India News
  • Home
  • Top News
  • India
  • World
  • Elections
  • Cricket
  • Podcast
  • Business
  • Technology
  • Entertainment
  • Lifestyle
  • Education
Reading: शहीद दिवस पर ‘आई असोमी’ वीरों को राष्ट्र कर रहा नमन, बांग्लादेशी घुसपैठियों से असम की भूमि को बचाने के लिए 850+ हुए थे बलिदान
Share
Aa
One India News
Aa
  • Top News
  • India
  • World
  • Elections
  • Cricket
  • Podcast
  • Business
  • Technology
  • Entertainment
  • Lifestyle
  • Education
  • Sports
  • Health
  • Agriculture
  • Religious
  • Utilitiy
Search
  • વિષયો
    • Top News
    • India
    • World
    • Elections
    • Cricket
    • Podcast
    • Business
    • Technology
    • Entertainment
    • Lifestyle
    • Education
    • Sports
    • Health
    • Agriculture
    • Utilitiy
    • Religious
Follow US
  • Advertise
© 2023 One India News. All Rights Reserved.
One India News > News > Assam > शहीद दिवस पर ‘आई असोमी’ वीरों को राष्ट्र कर रहा नमन, बांग्लादेशी घुसपैठियों से असम की भूमि को बचाने के लिए 850+ हुए थे बलिदान
AssamIndiaTop News

शहीद दिवस पर ‘आई असोमी’ वीरों को राष्ट्र कर रहा नमन, बांग्लादेशी घुसपैठियों से असम की भूमि को बचाने के लिए 850+ हुए थे बलिदान

असम ने जब बांग्लादेशी नागरिकों को बाहर निकालने के लिए आंदोलन शुरू किया तो 22 साल के खरगेश्वर तालुकदार का बलिदान पहला दर्ज किया गया। इसी दिन को याद करते हुए असम का 'शहीद दिवस' मनाया जाता है। असम आंदोलन में 850 से अधिक लोगों ने असम की पहचान के लिए जान गवाईं।

Last updated: 2025/12/10 at 4:51 PM
One India News Team
Share
5 Min Read
SHARE

असम 10 दिसंबर को ‘बलिदान/शहीद दिवस’ (Swahid Divas) के रूप में याद करता है। यह वह दिन है जब 1979 में 22 वर्षीय युवा खरगेश्वर तालुकदार ने अपनी मिट्टी और पहचान की रक्षा करते हुए प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया था। वे उन 850 से अधिक लोगों में पहले शहीद थे, जो बांग्लादेशी घुसपैठ के खिलाफ असम आंदोलन के दौरान मारे गए। उन्हें बेरहमी से हमला कर मार डाला गया और शव को सड़क किनारे खाई में फेंक दिया गया था।

Contents
पीएम मोदी और सीएम हिमंता ने दी श्रद्धांजलिअसम में क्रांति की शुरुआतअसम आंदोलन का प्रभाव और राजनीतिक उथल-पुथल1983 चुनाव बहिष्कार और नेल्ली नरसंहारऐतिहासिक ‘असम समझौता’ — संघर्ष की जीतशहीद दिवस का महत्व और अधूरे वादे

पीएम मोदी और सीएम हिमंता ने दी श्रद्धांजलि

इस 46वें शहीद दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम आंदोलन में शहादत देने वालों के साहस को याद करते हुए कहा कि यह आंदोलन भारत के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। उन्होंने असम की संस्कृति को मजबूत करने और राज्य के समग्र विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी खरगेश्वर तालुकदार और अन्य 850 शहीदों को नमन किया। उन्होंने स्वाहिद स्मारक का उद्घाटन कर कहा कि मातृभूमि के लिए इनका बलिदान हमेशा प्रेरणा बना रहेगा।

Today, on Swahid Diwas, we recall the valour of all those who were a part of the Assam Movement. The Movement will always have a prime place in our history. We reiterate our commitment to fulfilling the dreams of those who participated in the Assam Movement, notably the…

— Narendra Modi (@narendramodi) December 10, 2025

असम में क्रांति की शुरुआत

1970–80 के दशक में बांग्लादेशी घुसपैठ के कारण असम में असंतोष की आग भड़क उठी थी। अपनी जमीन, भाषा और सांस्कृतिक पहचान खोने के डर ने लोगों को संगठित कर दिया था। इसी माहौल में AASU (ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन) के युवा नेता खरगेश्वर तालुकदार की निर्मम हत्या हुई, जिसने पूरे प्रदेश में प्रतिरोध की लहर पैदा कर दी।
उनकी हत्या कोई सामान्य घटना नहीं बल्कि एक चेतावनी की तरह थी, जिसने आंदोलन को जन-जन का संघर्ष बना दिया। AASU और AAGSP के नेतृत्व में छात्र, किसान, बुद्धिजीवी और आम लोग एकजुट हुए।

असम आंदोलन का प्रभाव और राजनीतिक उथल-पुथल

खरगेश्वर की शहादत के बाद आंदोलन तेज हो गया। असम की असमी पहचान खतरे में दिखने लगी थी।
स्थिति इतनी बिगड़ गई कि तत्कालीन असम सरकार असंतोष काबू करने में विफल रही, और असमवासियों का भरोसा सरकार से उठ गया। अंततः 12 दिसंबर 1979 को केंद्र सरकार को राष्ट्रपति शासन लागू करना पड़ा।

1983 चुनाव बहिष्कार और नेल्ली नरसंहार

नागरिकता मुद्दे का समाधान किए बिना चुनाव कराने के केंद्र के फैसले का आंदोलनकारियों ने कड़ा विरोध किया। पूरे राज्य में व्यापक चुनाव बहिष्कार हुआ।
इसके बाद 1983 में नेल्ली नरसंहार घटित हुआ—असम की सबसे दर्दनाक त्रासदियों में से एक।
हजारों हिंसक घटनाएँ, लाखों बेघर लोग, जलाए गए घर और बिखरी ज़िंदगियाँ… यह सब बताते हैं कि स्थिति कितनी भयावह हो चुकी थी।

इन सबके बीच भी असम की जनता का हौसला नहीं टूटा। हर प्रदर्शन में लोगों के मन में खरगेश्वर तालुकदार की याद जीवित रही।

ऐतिहासिक ‘असम समझौता’ — संघर्ष की जीत

लंबे संघर्ष के बाद 15 अगस्त 1985 को केंद्र सरकार, AASU और AAGSP के बीच ऐतिहासिक असम समझौता (Assam Accord) हुआ। इसमें स्पष्ट रूप से तय किया गया:

  • 1 जनवरी 1966 से पहले आने वाले लोग नागरिक माने जाएँगे।
  • 1966–24 मार्च 1971 के बीच आने वालों को 10 वर्षों तक राजनीतिक अधिकार नहीं मिलेंगे, लेकिन वे रह सकेंगे।
  • 24 मार्च 1971 के बाद आने वाले अवैध घुसपैठिए माने जाएँगे और उन्हें निष्कासित किया जाएगा।

इस समझौते ने असम की सांस्कृतिक और भाषाई पहचान की रक्षा के लिए ठोस कदमों का आश्वासन दिया।

शहीद दिवस का महत्व और अधूरे वादे

असम का शहीद दिवस केवल स्मरण का दिन नहीं, बल्कि एक चेतावनी भी है। यह उन हजारों लोगों की याद है जिन्होंने अपनी पहचान, संस्कृति और भाषा को बचाने के लिए प्राण न्यौछावर किए।

लेकिन आंदोलन के कई वादे आज भी अधूरे हैं—
बांग्लादेशी घुसपैठ अब भी चिंता का विषय है, “असम समझौते” के कई प्रावधान पूर्ण रूप से लागू नहीं हुए हैं, और पहचान की लड़ाई जारी है।

इसलिए शहीद दिवस हमें याद दिलाता है कि असम की विरासत—उसकी मिट्टी, भाषा और संस्कृति—सिर्फ इतिहास नहीं, बल्कि वर्तमान की भी ज़िम्मेदारी है। यह वह अमूल्य धरोहर है जिसे बचाने के लिए कई युवा, जैसे खरगेश्वर तालुकदार, हमेशा के लिए इतिहास में अमर हो गए।

हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे

Like, Share and Subscribe our YouTube channel

🔗 https://www.youtube.com/@oneindianewscom

🔗 https://www.youtube.com/@oneindianewscom-Gujarat

You Might Also Like

लखनऊ में धर्मांतरण और युवती को गायब करने के दो सनसनीखेज मामले, इरशाद अली और जुबैर अंसारी पर गंभीर आरोप

ममता बनर्जी के कालीघाट आवास पहुँची CID, अभिषेक बनर्जी की तलाश में हाई-वोल्टेज ड्रामा

6 हजार की नौकरी से शुरू किया करियर, इंजीनियर के घर से निकले 2 करोड़ कैश, 1.25 किलो सोना और 14 प्लॉट

गंगा नदी से मिला 200 किलो वजनी विशाल शिवलिंग, 2500 साल पुराना होने का दावा, दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

‘मेरा सिर कटेगा लेकिन झुकेगा नहीं’: काकोली घोष ने ममता का साथ छोड़ा, 20 TMC सांसद NDA के साथ जाने को तैयार

TAGGED: @india, @narendramodi, AASU, Assam, Assam Accord, breakingnews, currentnews, hindinews, latestnews, oneindianews, Swahid Divas, topnews, असम, असम समझौते, केंद्र सरकार, पीएम मोदी, बलिदान/शहीद दिवस, बांग्लादेशी घुसपैठ, भाषा, मिट्टी, युवा खरगेश्वर तालुकदा, संस्कृति, सीएम हिमंता

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.
[mc4wp_form]
By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
One India News Team December 10, 2025
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Copy Link
Share
Previous Article पाकिस्तान की संसद में पड़े मिले 10 नोट, भिखारी मुल्क के पार्लियामेंट का Viral Video
Next Article ओमान के राजदूत ने की हिंदुस्तान की तारीफ, रक्षा संबंधों को अहम बताया

ad1 300×250

Stay Connected

235.3k Followers Like
69.1k Followers Follow
56.4k Followers Follow
136k Subscribers Subscribe
- Advertisement -

Latest News

लखनऊ में धर्मांतरण और युवती को गायब करने के दो सनसनीखेज मामले, इरशाद अली और जुबैर अंसारी पर गंभीर आरोप
India Top News Uttar Pradesh June 9, 2026
ममता बनर्जी के कालीघाट आवास पहुँची CID, अभिषेक बनर्जी की तलाश में हाई-वोल्टेज ड्रामा
India Top News West Bengal June 9, 2026
6 हजार की नौकरी से शुरू किया करियर, इंजीनियर के घर से निकले 2 करोड़ कैश, 1.25 किलो सोना और 14 प्लॉट
India Odisha Top News June 9, 2026
गंगा नदी से मिला 200 किलो वजनी विशाल शिवलिंग, 2500 साल पुराना होने का दावा, दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
India Top News Uttar Pradesh June 9, 2026

We influence 20 million users and is the number one business and technology news network on the planet

  • Andaman Nicobar
  • Andhra Pradesh
  • Arunachal Pradesh
  • Assam
  • Bihar
  • Chandigarh
  • Chhattisgarh
  • Delhi
  • Goa
  • Haryana
  • Himachal Pradesh
  • Jammu and Kashmir
  • Jharkhand
  • Karnataka
  • Kerala
  • Ladakh
  • Madhya Pradesh
  • Maharashtra
  • Manipur
  • Meghalaya
  • Mizoram
  • Nagaland
  • Odisha
  • Punjab
  • Rajasthan
  • Sikkim
  • Tamil Nadu
  • West Bengal
  • Telangana
  • Tripura
  • Uttar Pradesh
  • Uttarakhand
  • Andaman Nicobar
  • Andhra Pradesh
  • Arunachal Pradesh
  • Assam
  • Bihar
  • Chandigarh
  • Chhattisgarh
  • Delhi
  • Goa
  • Haryana
  • Himachal Pradesh
  • Jammu and Kashmir
  • Jharkhand
  • Karnataka
  • Kerala
  • Ladakh
  • Madhya Pradesh
  • Maharashtra
  • Manipur
  • Meghalaya
  • Mizoram
  • Nagaland
  • Odisha
  • Punjab
  • Rajasthan
  • Sikkim
  • Tamil Nadu
  • West Bengal
  • Telangana
  • Tripura
  • Uttar Pradesh
  • Uttarakhand

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Loading
One India News
Follow US

© 2023 One India News. All Rights Reserved.

  • Privacy Policy

We use cookies to personalise content and ads, to provide social media features and to analyse our traffic. We also share information about your use of our site with our social media, advertising and analytics partners who may combine it with other information that you’ve provided to them or that they’ve collected from your use of their services. .

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Register Lost your password?
One India News
Powered by  GDPR Cookie Compliance
Privacy Overview

This website uses cookies so that we can provide you with the best user experience possible. Cookie information is stored in your browser and performs functions such as recognising you when you return to our website and helping our team to understand which sections of the website you find most interesting and useful.

Strictly Necessary Cookies

Strictly Necessary Cookie should be enabled at all times so that we can save your preferences for cookie settings.