सुकमा, छत्तीसगढ़ से एक ऐतिहासिक खबर सामने आई है। वर्षों तक नक्सली हिंसा से प्रभावित रहा सुकमा अब आधिकारिक तौर पर ‘नक्सल मुक्त’ घोषित कर दिया गया है।
मंगलवार (31 मार्च 2026) को सुकमा पुलिस अधीक्षक (SP) ने जानकारी दी कि कंपनी नंबर 8 की दो इनामी महिला नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद जिले में नक्सल प्रभाव पूरी तरह खत्म हो गया है।
#WATCH | Sukma, Chhattisgarh: SP Sukma Kiran G Chavan says, "Today, March 31, 2026, in the Sukma district, two female Naxalites have surrendered and undergone rehabilitation. They were members of Company Number 8 of the Naxalite organisation. A bounty of Rs 16 lakhs had been… pic.twitter.com/i2oQVAjEb4
— ANI (@ANI) March 31, 2026
16 लाख की इनामी नक्सलियों का सरेंडर
सरेंडर करने वाली दोनों महिला नक्सलियों पर कुल ₹16 लाख का इनाम घोषित था।
- आत्मसमर्पण के साथ हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद
- नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका
- सुरक्षाबलों के लिए बड़ी मनोवैज्ञानिक जीत
भारी मात्रा में हथियार और नकदी जब्त
पुलिस के अनुसार, नक्सलियों से:
- INSAS LMG
- AK-47 (2)
- अन्य 3 घातक हथियार
- करीब ₹10 लाख नकद
बरामद किए गए हैं।
दो साल के ऑपरेशन का असर
सुकमा को नक्सल मुक्त बनाने के पीछे सुरक्षाबलों का लगातार दो साल का ऑपरेशन अहम रहा।
- 90+ नक्सली मारे गए
- 600+ गिरफ्तार
- 800+ नक्सलियों ने सरेंडर किया
घने जंगलों में कैंप स्थापित कर नक्सलियों की सप्लाई लाइन और नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ा गया।
अब विकास की नई शुरुआत
नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब क्षेत्र में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं:
- 60 से अधिक सड़कों का निर्माण
- दूर-दराज के गांव मुख्यधारा से जुड़े
- शिक्षा और खेल गतिविधियों पर जोर
अमित शाह ने भी संसद में कहा कि बस्तर अब तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।
आम जनता को मिल रहा लाभ
- ग्रामीणों को आधार और राशन कार्ड उपलब्ध
- मुफ्त अनाज और सरकारी योजनाओं का लाभ
- हर गांव में स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र (PHC/CHC) और पंचायत सुविधाएं
प्रशासन का कहना है कि अब सुकमा को विकास के नए मॉडल के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि भविष्य में नक्सलवाद फिर सिर न उठा सके।
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