दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने कार्यकाल के पहले 100 दिनों में कई योजनाओं और नीतियों को लागू किया है। हालांकि कुछ वादे अधूरे भी हैं।
रेखा सरकार की 100 दिनों की प्रमुख उपलब्धियां:
- प्राइवेट स्कूलों पर लगाम:
- दिल्ली स्कूल शिक्षा विधेयक 2025 लाया गया, जिससे निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगे।
- आयुष्मान भारत योजना लागू:
- दिल्ली में आयुष्मान भारत योजना लागू हुई — 6 लाख से अधिक परिवारों को लाभ मिला।
- कौशल विकास शिक्षा:
- 257 सरकारी स्कूलों में कौशल विकास क्लासेज शुरू की गईं।
- यमुना सफाई अभियान:
- 34 नए STP (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) की मंजूरी दी गई।
- आंबेडकर स्टाइपेंड योजना:
- छात्रों को ₹1,000 प्रति माह स्टाइपेंड देना शुरू हुआ।
- DEVI इलेक्ट्रिक बसें:
- अंतिम मील कनेक्टिविटी के लिए DEVI नाम से इलेक्ट्रिक बसें चलाई गईं।
- आरोग्य मंदिर:
- पहले चरण में 31 आरोग्य मंदिर शुरू किए गए।
- बच्चों के लिए जेनेटिक्स क्लिनिक:
- दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए पहला बच्चों का जेनेटिक्स क्लिनिक खोला गया।
- महिला सुरक्षा:
- संवेदनशील क्षेत्रों में 50,000 CCTV कैमरे लगाए और महिला पुलिस बल की संख्या बढ़ाई।
- गर्भवती महिलाओं के लिए सहायता:
- ₹21,000 की सहायता राशि देने की घोषणा।
रेखा सरकार से जुड़े अधूरे वादे और चूकें:
- महिला सम्मान राशि लागू नहीं:
- ₹2,500 प्रतिमाह देने का वादा अधूरा, जबकि बजट में ₹5,000 करोड़ आवंटित किया गया था।
- 5 रुपये वाली अटल कैंटीन योजना शुरू नहीं हुई।
- पानी की समस्या:
- कई इलाकों में अब भी गंभीर जल संकट।
- मेट्रो यात्रा फ्री योजना अधूरी:
- ज़रूरतमंद छात्रों को ₹4,000 तक मुफ्त यात्रा देने का वादा अभी लागू नहीं।
- झुग्गी-बस्ती पुनर्वास योजना पर काम नहीं शुरू हुआ।
- ऑटो-टैक्सी वेलफेयर बोर्ड का गठन नहीं हुआ।
- नई EV नीति और ई-स्कूटर वितरण योजना नहीं लागू हुई।
- KG से PG तक मुफ्त शिक्षा का वादा अधूरा।
- गिग वर्कर्स के लिए ₹10 लाख बीमा योजना लागू नहीं।
- साफ-सफाई पर शिकायतें जारी:
- कई इलाकों में सफाई की हालत खराब बनी हुई है।
- ITO, मिंटो ब्रिज, द्वारका जैसे क्षेत्रों में जलभराव की समस्या बरकरार।
- सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी:
- LNJP जैसे अस्पतालों पर अत्यधिक भीड़, दिल्ली में सिर्फ 6 MRI मशीनें और प्रति 1,000 लोगों पर सिर्फ डेढ़ बेड उपलब्ध।
जनता की प्राथमिकताएं :
- साफ-सफाई
- पीने का पानी
- वायु प्रदूषण
- अस्पताल
- सड़क और सीवर
इन सभी क्षेत्रों पर काम की शुरुआत तो हुई है, लेकिन पूर्ण परिणाम अभी बाकी हैं।
विश्लेषण:
रेखा गुप्ता सरकार के पहले 100 दिन कई अच्छी पहल और नीतिगत फैसलों के साथ शुरू हुए हैं। मगर, कुछ बड़े वादों पर अमल की कमी विश्वास और प्रदर्शन के बीच एक खाली जगह छोड़ती है।
ट्रिपल इंजन सरकार (दिल्ली MCD, राज्य और केंद्र में BJP) के कारण जनता की अपेक्षाएं बहुत अधिक हैं, और बहाने स्वीकार नहीं होंगे।