पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले माहौल गरमाया हुआ है। कोलकाता पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन करने के आरोप में TMC के दो पार्षदों सचिन सिंह और शांति रंजन कुंडू सहित 6 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की। मामला 31 मार्च और 1 अप्रैल की रात का है, जब स्ट्रैंड रोड स्थित चुनाव आयोग (CEO) कार्यालय के बाहर भारी भीड़ जमा हुई थी।
पुलिस ने कहा कि वहाँ धारा 163 लागू थी, यानी भीड़ इकट्ठा करना प्रतिबंधित था। इसके बावजूद पार्षदों ने अपने समर्थकों के साथ नारेबाजी की, और पुलिस के हटने के आदेश की अनदेखी की।
🚨 कोलकाता पुलिस ने कोलकाता में इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया ऑफिस के बाहर गैर-कानूनी जमावड़े को लेकर FIR दर्ज की है, जिसमें 2 TMC पार्षदों समेत 6 लोगों के नाम शामिल हैं। pic.twitter.com/jMtqyry49f
— Rohit Jain 🇮🇳 (@Rohitjain2799) April 2, 2026
मालदा में न्यायिक अधिकारियों को बनाया गया बंधक
मालदा में ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) प्रक्रिया के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सात न्यायिक अधिकारियों को कई घंटे तक बंधक बनाया। पुलिस ने ISF उम्मीदवार शाहजहाँ अली कादरी और 18 अन्य को गिरफ्तार किया।
सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत ने पश्चिम बंगाल सरकार को फटकार लगाई और कहा कि राज्य में हर चीज़ को राजनीतिक दृष्टिकोण से देखा जा रहा है। न्यायिक अधिकारियों के साथ ऐसी बदसलूकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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