भोपाल के पिपलानी थाना क्षेत्र में सामने आए एक चौंकाने वाले मामले में ‘मुस्लिम गैंग’ के सरगना फरहान और उसके साथियों द्वारा हिंदू छात्राओं को प्रेमजाल में फँसाकर रेप, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्मांतरण कराने की साजिश का खुलासा हुआ है। पुलिस द्वारा कोर्ट में दाखिल की गई 240 पन्नों की चार्जशीट में फरहान की क्रूर मानसिकता और उसके गिरोह की सुनियोजित रणनीति का विस्तार से वर्णन किया गया है। चार्जशीट के अनुसार, फरहान लड़कियों को डराने के लिए अन्य पीड़िताओं के रेप वीडियो दिखाता था और धमकी देता था, “तेरे साथ भी ऐसा ही करूँगा।” उसने एक पीड़िता को लिखित में देने की पेशकश की थी कि वह दोबारा दुष्कर्म नहीं करेगा, लेकिन लड़की ने बहकावे में आने से इनकार कर दिया।
मामला अप्रैल 2025 में उस समय सामने आया जब दो बहनों ने FIR दर्ज कराई और बताया कि फरहान और उसके साथियों ने पहले दोस्ती का झाँसा देकर उन्हें फँसाया, फिर रेप किया और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया। इसके बाद एक-एक कर छह और पीड़िताओं ने भी आगे आकर FIR दर्ज कराई। पुलिस ने इस सिलसिले में फरहान के अलावा साद, साहिल पन्ना, अली, नबील और अबरार को गिरफ्तार किया। पूछताछ में फरहान ने यह तक कबूल किया कि उसे अपने कृत्यों पर कोई पछतावा नहीं है और उसने हिंदू लड़कियों को फँसाकर उनके जीवन को बर्बाद करना “जिहाद” माना। वह इसे इस्लाम के अनुसार सवाब (पुण्य) का कार्य समझता था।
चार्जशीट के अनुसार, फरहान ने न सिर्फ बलात्कार किए बल्कि पीड़िताओं को मटन-चिकन खाने के लिए मजबूर किया, हिंदू धर्म के विरुद्ध आपत्तिजनक बातें कहीं और इस्लाम कबूलने का दबाव बनाया। उसने पीड़िताओं के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकियाँ भी दीं। पुलिस ने पीड़िताओं के बयान, मेडिकल रिपोर्ट्स और डिजिटल सबूतों के आधार पर केस मजबूत किया है। मामले की सुनवाई 22 जुलाई 2025 को जिला अदालत में जज नीलम मिश्रा की कोर्ट में होगी। यह मामला न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि समाज में व्याप्त एक खतरनाक मानसिकता की ओर भी इशारा करता है, जिसमें धर्म के नाम पर महिलाओं के साथ अत्याचार को जायज ठहराने की कोशिश की जाती है।