रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हाल की घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि भारत को हर समय सीमा पर युद्ध जैसी स्थिति के लिए तैयार रहना होगा। इसके लिए जरूरी है कि देश अपनी स्वदेशी तकनीक और हथियारों पर भरोसा करे। सिंह ने उद्योग जगत के नेताओं से बातचीत में कहा कि भारत की रक्षा तैयारियाँ अब केवल असेंबली या इंटीग्रेशन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि हमें असली तकनीक खुद विकसित करनी होगी।
'हमें युद्ध जैसी स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए : राजनाथ' pic.twitter.com/zFqcXlfMAk
— रक्षा मंत्री कार्यालय/ RMO India (@DefenceMinIndia) October 28, 2025
उन्होंने कहा कि हाल के संघर्षों में स्वदेशी हथियारों और सिस्टम्स ने असाधारण प्रदर्शन किया है। ब्रह्मोस मिसाइल, आकाश सरफेस-टू-एयर मिसाइल, और आकाशतीर एयर डिफेंस कंट्रोल सिस्टम जैसे स्वदेशी प्लेटफॉर्म न केवल भारत की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की छवि को मजबूत बना रहे हैं। सिंह के अनुसार, ये सिस्टम्स इस बात का प्रमाण हैं कि भारत अब रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र
रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में हाल के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र किया और कहा कि यह अभियान भारत की तैयारी और क्षमता का बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा,
“ऑपरेशन सिंदूर से एक बार फिर पता चला कि सीमाओं पर कभी भी, कहीं भी कुछ भी हो सकता है। हमें युद्ध जैसी स्थिति के लिए हमेशा तैयार रहना होगा — और यह तैयारी हमारे अपने आधार पर होनी चाहिए।”
डिफेंस सेक्टर और वॉरफेयर आज जिन परिवर्तनों से गुजर रहा है, उनको स्वदेशी उपकरणों के माध्यम से ही टैकल किया जा सकता है। pic.twitter.com/u0rDSYqSNS
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) October 27, 2025
राजनाथ सिंह सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (SIDM) के एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने तेज और सटीक प्रतिक्रिया दी, जिससे यह साबित हुआ कि सेना हर परिस्थिति में तैयार है। हालांकि उन्होंने साथ ही कहा कि यह आत्ममंथन का समय है — हमें स्वदेशीकरण (Indigenisation) की दिशा में और आगे बढ़ना होगा।
स्वदेशी तकनीक की सफलता और भविष्य
रक्षा मंत्री ने कहा कि हाल के संघर्षों में भारतीय हथियारों ने न सिर्फ अपनी उपयोगिता साबित की, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर भारत की सैन्य क्षमता की पहचान भी बनाई। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि ब्रह्मोस मिसाइल ने दुश्मन को करारा जवाब दिया, आकाश मिसाइल ने हवाई खतरों को नाकाम किया, और आकाशतीर सिस्टम ने एयर डिफेंस को और अधिक प्रभावी बनाया।
सिंह ने कहा कि ये सभी सिस्टम्स भारतीय वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की क्षमता का परिणाम हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत को अब विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम करनी होगी।
“हमें अपनी तकनीक खुद विकसित करनी है — सिर्फ पार्ट्स जोड़ने या असेंबल करने तक सीमित नहीं रहना है,” उन्होंने कहा।
'India needs to be ready for war-like situation: Rajnath' pic.twitter.com/4zgR3Je58t
— रक्षा मंत्री कार्यालय/ RMO India (@DefenceMinIndia) October 28, 2025
राजनाथ सिंह ने यह भी बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में इन स्वदेशी हथियारों और प्रणालियों के इस्तेमाल ने न केवल मिशन को सफल बनाया, बल्कि दुनिया को यह एहसास कराया कि भारत अब रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रणी है।
उन्होंने अंत में कहा कि सीमाओं पर अनिश्चितता हमेशा बनी रहती है, इसलिए सेना को हर स्थिति के लिए तैयार रहना होगा। लेकिन यह तैयारी अब आयातित हथियारों पर नहीं, बल्कि भारत की स्वदेशी क्षमता और नवाचार पर आधारित होनी चाहिए।
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