जग लाडकी नामक भारतीय तेल टैंकर सुरक्षित रूप से मुंद्रा पोर्ट पहुंच गया है। ईरान–इजरायल तनाव और क्षेत्रीय संघर्ष के बीच यह भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक और रणनीतिक सफलता मानी जा रही है।
UAE से लाया गया कच्चा तेल
यह टैंकर संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह पोर्ट से लगभग 80,886 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर भारत पहुंचा है।
274.19 मीटर लंबे और 50.04 मीटर चौड़े इस विशाल टैंकर की क्षमता भारत की ऊर्जा आपूर्ति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।
होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित पार
टैंकर ने होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते सुरक्षित यात्रा पूरी की, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का करीब 20% संभालता है।
क्षेत्र में जारी तनाव के कारण इस मार्ग पर खतरा बना हुआ था, लेकिन भारत ने सफलतापूर्वक अपने जहाज को सुरक्षित निकाला।
#WATCH भारतीय झंडे वाला क्रूड ऑयल टैंकर 'जग लाडकी' गुजरात में अडानी पोर्ट्स मुंद्रा पहुंचा।
इसमें UAE से मंगाया गया लगभग 80,886 मीट्रिक टन (MT) क्रूड ऑयल था, जिसे फुजैराह पोर्ट पर लोड किया गया।
(वीडियो सोर्स: अडानी पोर्ट) pic.twitter.com/b52Wki0MjN
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 18, 2026
तीसरा जहाज पहुंचा, 22 भारतीय नाविक सुरक्षित
‘जग लाडकी’ उन जहाजों में से एक है, जो पिछले दो हफ्तों से युद्धग्रस्त इलाके में फंसे थे।
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इस जहाज पर 22 भारतीय नाविक सवार थे
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सभी सुरक्षित भारत पहुंच गए
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इससे पहले ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ जहाज भी सफलतापूर्वक पहुंच चुके हैं
ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ा कदम
मुंद्रा पोर्ट पर इस टैंकर का आगमन भारत की ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने में अहम माना जा रहा है।
यह डिलीवरी रिफाइनरियों के संचालन को बनाए रखने और वैश्विक संकट के बीच सप्लाई चेन को स्थिर रखने में मदद करेगी।
कूटनीति का असर
इस सफलता का श्रेय भारत की संतुलित विदेश नीति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीतिक पहल को दिया जा रहा है।
ईरान सहित क्षेत्र के देशों के साथ मजबूत संबंधों ने इस मिशन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
वैश्विक तेल बाजार पर असर
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है।
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दुनिया के करीब 20% कच्चे तेल का व्यापार इसी मार्ग से होता है
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हाल के समय में तेल की कीमतों में 50% तक उछाल देखा गया
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