अमेरिका और Iran के बीच जारी युद्ध अब और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। गुरुवार (2 अप्रैल 2026) को अमेरिकी सेना ने Tehran से जुड़े एक अहम B1 हाईवे ब्रिज पर हवाई हमला कर उसे तबाह कर दिया।
इस हमले में अब तक 8 लोगों की मौत और करीब 95 लोगों के घायल होने की खबर है। यह हमला Karaj में किया गया, जहां यह पुल तेहरान को पश्चिमी इलाकों से जोड़ता था।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस पुल का इस्तेमाल ईरान मिसाइल और ड्रोन सप्लाई के लिए करने वाला था, इसलिए इसे निशाना बनाया गया। हालांकि ईरानी मीडिया का कहना है कि पुल अभी पूरी तरह तैयार भी नहीं हुआ था।
ट्रंप की चेतावनी: “अभी तो शुरुआत है”
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए इसे ईरान का “सबसे बड़ा पुल” बताया और तेहरान को सीधी चेतावनी दी।

व्हाइट हाउस से संबोधन में ट्रंप ने कहा कि आने वाले 2-3 हफ्तों में अमेरिका अपनी सैन्य कार्रवाई और तेज करेगा। उन्होंने दावा किया कि यह युद्ध अब अपने अंतिम चरण में है।
ईरान का पलटवार: “सरेंडर नहीं करेंगे”
हमले के बाद Iran के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि नागरिक ढांचों पर हमला अमेरिका की “नैतिक हार” को दर्शाता है और ईरान किसी भी हालत में झुकेगा नहीं।
अराघची ने कहा,
“हम हर टूटे हुए पुल को पहले से ज्यादा मजबूत बनाएंगे, लेकिन अमेरिका की गिरती साख वापस नहीं आएगी।”
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बढ़ा तनाव
इस बीच Strait of Hormuz पर भी हालात गंभीर बने हुए हैं।
- ईरान ने ज्यादातर जहाजों के लिए रास्ता बंद कर दिया है
- करीब 2000 जहाज खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं
- Russia ने दावा किया है कि उसके जहाजों के लिए रास्ता खुला है
- भारत, चीन और पाकिस्तान के कुछ जहाजों को सीमित अनुमति दी जा रही है
Vladimir Putin के करीबी अधिकारी यूरी उशाकोव के मुताबिक, रूस और ईरान के बीच सुरक्षा को लेकर लगातार बातचीत जारी है।
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