एक ओर Pakistan खुद को Iran और United States के बीच मध्यस्थ बताने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर ईरान ने उसके ही एक कंटेनर जहाज को Strait of Hormuz से गुजरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
ईरानी सैन्य अधिकारी Alireza Tangsiri के अनुसार, कराची जा रहे ‘SELEN’ जहाज को वापस लौटा दिया गया क्योंकि उसने आवश्यक कानूनी मंजूरी नहीं ली थी।
IRGC की सख्ती, पाकिस्तान को झटका
यह कार्रवाई Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) द्वारा की गई, जिसने साफ कर दिया कि इस संवेदनशील समुद्री मार्ग से केवल वही जहाज गुजरेंगे जिन्हें ईरान की अनुमति प्राप्त होगी।
यह घटना उस समय हुई जब ईरान ने पाकिस्तान को अमेरिका के साथ शांति वार्ता के लिए संभावित मध्यस्थ माना था, जिससे इस्लामाबाद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झटका लगा है।
भारत की रणनीति सफल
जहां पाकिस्तान को इस घटनाक्रम से असहज स्थिति का सामना करना पड़ा, वहीं भारत ने अपनी कूटनीति और रणनीतिक योजना के जरिए ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित बनाए रखा है।
भारत के ‘शिवालिक’, ‘नंदा देवी’ और ‘जगवसंत’ जैसे जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं।
ऊर्जा संकट से बचाव
भारत की सक्रिय कूटनीति और रणनीतिक तैयारी के कारण देश में तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित नहीं हुई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह दिखाता है कि वैश्विक तनाव के बीच भी भारत ने अपने ऊर्जा हितों को सुरक्षित रखने में सफलता हासिल की है।
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