मध्यप्रदेश के धार जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के अवसर पर पीएम मित्र पार्क (मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड एपेरल पार्क) का भूमिपूजन एक ऐतिहासिक मौके के रूप में दर्ज होने जा रहा है। यह केवल मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए वस्त्र उद्योग के क्षेत्र में क्रांति लाने वाला कदम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई यह महत्वाकांक्षी योजना देश के सात राज्यों में लागू हो रही है और धार का यह पार्क उनमें सबसे बड़ा और अत्याधुनिक होगा। इसका उद्देश्य खेत से लेकर परिधान तक की पूरी वैल्यू चेन को एक ही स्थान पर विकसित करना है। इससे कपास उत्पादक किसानों से लेकर फैशन उद्योग तक हर स्तर पर आर्थिक गतिविधियाँ तेज होंगी और लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा।
धार के पीएम मित्र पार्क की विशेषताएँ
धार के भैंसोला गाँव में करीब 2000 एकड़ क्षेत्र में बनने वाला यह पार्क देश का सबसे बड़ा टेक्सटाइल पार्क होगा। इसमें ‘फार्म से फैशन’ तक की पूरी प्रक्रिया — यानी कताई, बुनाई, डाईंग, प्रिंटिंग और परिधान निर्माण — एक ही परिसर में होगी। अनुमान है कि लगभग 6 लाख किसान सीधे तौर पर उद्योग से जुड़ेंगे और राज्य के प्रमुख शहर भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, सागर, इंदौर और आसपास के मालवा क्षेत्र में टेक्सटाइल सेक्टर का व्यापक विस्तार होगा। इसके साथ ही भोपाल के सतगढ़ी में 61 हेक्टेयर में रेडीमेड गारमेंट पार्क और इंदौर के परदेशीपुरा में गारमेंट कॉम्प्लेक्स का निर्माण भी हो रहा है, जिसमें 4 ब्लॉक और 184 यूनिट होंगे। ये परियोजनाएँ मिलकर मुरैना के मेगा फुटवियर और एक्सेसरीज क्लस्टर को भी मजबूती प्रदान करेंगी।
विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएँ
पार्क को पूरी तरह से विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। इसमें 220 केवी का बिजली सब-स्टेशन, 20 एमएलडी क्षमता वाली वाटर सप्लाई, और स्काडा आधारित स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित होंगे। साथ ही, सौर ऊर्जा संयंत्र और जल संरक्षण की विशेष व्यवस्था होगी। श्रमिकों और महिला कर्मचारियों के लिए हाउसिंग, हॉस्टल और सामाजिक सुविधाएँ भी विकसित की जाएँगी। इस पार्क को ‘इंडियन ग्रीन इंडस्ट्रियल टाउनशिप’ का सर्टिफिकेट दिया जाएगा, जिससे यह पर्यावरणीय दृष्टि से भी टिकाऊ रहेगा।
निवेश और रोजगार की संभावनाएँ
भूमिपूजन के पहले ही इस पार्क में लगभग 27109 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आ चुके हैं। इससे हजारों नहीं बल्कि लाखों रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मध्यप्रदेश में पहले से ही कपास का बड़ा उत्पादन होता है और राज्य देश का 40% जैविक कपास उत्पादित करता है। धार, इंदौर, खरगोन और खंडवा जैसे जिले इस उत्पादन के प्रमुख केंद्र हैं। इसीलिए यह पार्क कच्चे माल की उपलब्धता के कारण निवेशकों के लिए विशेष रूप से आकर्षक होगा।
शिक्षण संस्थानों से जुड़ाव
इस पार्क को देश-विदेश के प्रमुख शैक्षणिक और प्रशिक्षण संस्थानों से भी जोड़ा जा रहा है। इसमें NIFT (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी), NID (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन), IITDM (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग) और ग्लोबल स्किल पार्क शामिल हैं। इससे यहाँ काम करने वाले युवाओं को आधुनिक तकनीक और डिजाइन के क्षेत्र में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा।
देशभर में पीएम मित्र पार्क का विस्तार
केंद्र सरकार ने कुल सात राज्यों में पीएम मित्र पार्क स्थापित करने की मंजूरी दी है। इसमें धार (मध्यप्रदेश) के अलावा लखनऊ (उत्तर प्रदेश), अमरावती (महाराष्ट्र), विरुधनगर (तमिलनाडु), वारंगल (तेलंगाना), नवसारी (गुजरात) और कलबुर्गी (कर्नाटक) शामिल हैं। तमिलनाडु के ई. कुमारालिंगापुरम गाँव में 22 मार्च 2024 को इस योजना की पहली शुरुआत हो चुकी है। वहाँ 1052 एकड़ क्षेत्र में 2000 करोड़ रुपये की लागत से यह पार्क बनाया जा रहा है, जिसमें 19000 करोड़ रुपये के निवेश और दो लाख रोजगार सृजन की संभावना जताई गई है।
5F विजन और ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ की दिशा में कदम
यह योजना प्रधानमंत्री मोदी के 5F विजन पर आधारित है — फार्म से फाइबर, फाइबर से फैक्ट्री, फैक्ट्री से फैशन और फैशन से फॉरेन। इसका अर्थ है कि किसान खेत में कपास पैदा करें, उसे फैक्ट्री में धागे और कपड़े में बदला जाए, फिर उससे फैशन तैयार हो और अंततः वह वैश्विक बाजार तक पहुँचे। इस प्रकार यह योजना केवल ‘मेक इन इंडिया’ ही नहीं बल्कि ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ का बेहतरीन उदाहरण है।
आर्थिक और सामाजिक महत्व
2021-22 से 2027-28 तक इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने लगभग 4445 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य भारत को वस्त्र उद्योग के क्षेत्र में वैश्विक महाशक्ति बनाना है। पीएम मित्र पार्क न केवल भारी पूँजी निवेश और निर्यात को बढ़ावा देंगे बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लाखों लोगों को रोजगार भी देंगे। इससे मध्यप्रदेश समेत पूरे देश की आर्थिक समृद्धि और वैश्विक मंच पर स्थिति और मजबूत होगी।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel