लखनऊ के हरदोई जिले की शाहाबाद कोतवाली इन दिनों लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। पिछले एक सप्ताह में यहाँ हुई घटनाओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहले बीजेपी बूथ अध्यक्ष की हत्या और फिर पुलिस हिरासत में युवक की मौत ने न केवल कानून-व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाए, बल्कि पुलिस महकमे की साख पर भी गहरी चोट की।
गौरी पांडेय हत्याकांड में परिजनों से अभद्रता करने के आरोप में प्रभारी निरीक्षक उमेश त्रिपाठी को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद नए प्रभारी निरीक्षक (क्राइम) शिव गोपाल यादव के कार्यकाल में ही पुलिस हिरासत में आरोपी युवक की मौत हो गई, जिसके चलते उन्हें भी निलंबन का सामना करना पड़ा। साथ ही विवेचक उपनिरीक्षक वरुण कुमार शुक्ला और डायल-112 के दो अन्य पुलिसकर्मी भी कार्रवाई की जद में आए। इन घटनाओं से पुलिसकर्मी खुद को ग्रह-नक्षत्रों की मार और अशुभ साये के घेरे में मानने लगे।
इन्हीं परिस्थितियों के बीच कोतवाली परिसर में सुंदरकांड पाठ और हवन का आयोजन किया गया। प्रभारी निरीक्षक कक्ष में हुए इस धार्मिक अनुष्ठान में सीओ आलोक राज नारायण, नए प्रभारी निरीक्षक आनंद नारायण त्रिपाठी और पूरा पुलिस स्टाफ मौजूद रहा। संगीतमयी सुंदरकांड के बाद विधिवत हवन और प्रसाद वितरण किया गया।
पुलिसकर्मियों का कहना है कि अब बजरंगबली की कृपा से कोतवाली की रक्षा होगी और लगातार हो रही अनहोनी घटनाओं से मुक्ति मिलेगी। नए प्रभारी आनंद नारायण त्रिपाठी ने भी कार्यभार संभालने से पहले धार्मिक आयोजन करवाकर संकट से बचाव की कामना की। अब यह देखने वाली बात होगी कि क्या यह आध्यात्मिक उपाय शाहाबाद कोतवाली में शांति और स्थिरता वापस ला पाता है या नहीं।
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