Noida में मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस को WhatsApp और Instagram ग्रुप्स की चैट और ऑडियो क्लिप्स मिले हैं, जिनमें लोगों को बड़ी संख्या में जुटने और पुलिस के खिलाफ आक्रामक होने के लिए उकसाया गया।
जांच में सामने आए एक ऑडियो क्लिप में एक शख्स लोगों से दोबारा इकट्ठा होकर पुलिस पर हमला करने और लाठीचार्ज करवाने की बात करता सुनाई दे रहा है। इसमें घायल प्रदर्शनकारियों का हवाला देकर अधिक से अधिक लोगों को जुटने की अपील की गई है।
मिर्ची पाउडर लाने की सलाह
कुछ चैट्स में प्रदर्शनकारियों को मिर्ची पाउडर साथ लाने की सलाह दी गई थी, ताकि जरूरत पड़ने पर पुलिस के खिलाफ उसका इस्तेमाल किया जा सके। एक मैसेज में लिखा गया कि अगर पुलिस लाठीचार्ज करे तो मिर्ची पाउडर काम आएगा और ज्यादा से ज्यादा लोग इसे साथ लेकर आएँ।
POLICE SOURCES CLAIM WHATSAPP NETWORK BEHIND MOBILISATION EVEN AS UNREST CONTINUES IN SECTOR 70 NOIDA TODAY.
Police are facing continuous stone pelting. Efforts are underway to bring the crowd under control.
POLICE SOURCES CLAIM PROTESTERS ADDED TO GROUPS OVERNIGHT VIA QR CODES.… pic.twitter.com/WtZnsZ8JRG
— Rahul Shivshankar (@RShivshankar) April 14, 2026
50 संदिग्ध सोशल मीडिया हैंडल चिन्हित
पुलिस ने इन चैट्स और ऑडियो क्लिप्स को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, करीब 50 संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट चिन्हित किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल माहौल बिगाड़ने के लिए किया गया। अब इन खातों के पीछे मौजूद लोगों की पहचान की जा रही है।
कई इलाकों में फैली थी हिंसा
गौरतलब है कि सोमवार को Noida के फेज-2, सेक्टर-60, 62 और 84 समेत कई औद्योगिक क्षेत्रों में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर शुरू हुआ प्रदर्शन हिंसक हो गया था। इस दौरान पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुईं, जिसमें कई वाहनों और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा।
योगी सरकार सख्त
इस घटना पर Yogi Adityanath ने सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यह विरोध प्रदर्शन नक्सलवाद को पुनर्जीवित करने की साजिश का हिस्सा हो सकता है। उन्होंने कहा कि “नक्सलवाद खत्म होने के कगार पर है, लेकिन इसे फिर से जिंदा करने की कोशिशें एक बड़ी साजिश हो सकती हैं।”
वहीं, उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री Anil Rajbhar ने भी इस हिंसा को सुनियोजित साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले में संभावित विदेशी, खासकर पाकिस्तान कनेक्शन की भी जांच कर रही है।
दो शब्दों संदेश के
- WhatsApp और Instagram जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल यदि भड़काने और हिंसा फैलाने के लिए हो, तो यह समाज के लिए गंभीर खतरा बन जाता है।
- Noida में हुई घटनाएं दिखाती हैं कि शांतिपूर्ण विरोध और हिंसक उकसावे के बीच स्पष्ट अंतर जरूरी है।
- Yogi Adityanath की चेतावनी इस बात की ओर इशारा करती है कि ऐसे मामलों में बाहरी या संगठित साजिश की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
“अभिव्यक्ति और विरोध का अधिकार लोकतंत्र की ताकत है, लेकिन हिंसा और उकसावे के जरिए माहौल बिगाड़ना समाज और देश दोनों के लिए नुकसानदायक है।”
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel