आज की डिजिटल दुनिया में इंटरनेट बच्चों के लिए जितना उपयोगी है, उतना ही खतरनाक भी होता जा रहा है। ऑनलाइन यौन शोषण (Online Sexual Exploitation) के बढ़ते मामलों को देखते हुए इंटरपोल (INTERPOL) ने अब तक का सबसे बड़ा वैश्विक अभियान शुरू किया है। इस पहल का नाम ‘Preventing the Cycle of Harm’ रखा गया है, जिसका उद्देश्य बच्चों को ऑनलाइन निशाना बनाने वाले अपराधियों के नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है।
यह अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट जनवरी 2025 से दिसंबर 2030 तक, यानी कुल छह वर्षों तक संचालित किया जाएगा। इसे ह्यूमन डिग्निटी फाउंडेशन (HDF) का महत्वपूर्ण वित्तीय सहयोग प्राप्त है। लगभग 30 मिलियन यूरो (करीब 270 करोड़ रुपये) के विशाल बजट के साथ शुरू हुआ यह मिशन दुनिया भर में बच्चों के डिजिटल शोषण में शामिल अपराधियों के पूरे तंत्र को ध्वस्त करने का इरादा रखता है।
इस अभियान का उद्देश्य केवल अपराधियों को सज़ा दिलाना नहीं है, बल्कि एक ऐसा सुरक्षित डिजिटल वातावरण तैयार करना भी है, जहां बच्चे बिना किसी भय के इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकें। इसके तहत इंटरपोल अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा एनालिटिक्स टूल्स का उपयोग कर रहा है, ताकि संदिग्ध गतिविधियों की पहचान समय रहते की जा सके। साथ ही, विभिन्न देशों की कानून-प्रवर्तन एजेंसियों को विशेष डेटाबेस और हाई-टेक ट्रेनिंग उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे जांच प्रक्रिया को अधिक तेज, प्रभावी और सटीक बनाया जा सके।
इस प्रोजेक्ट की एक बड़ी प्राथमिकता जांच के दौरान पीड़ित बच्चों की सुरक्षा और उनके मानसिक स्वास्थ्य का संरक्षण है। इसके लिए खास ‘सेफगार्डिंग’ सिद्धांत लागू किए गए हैं, ताकि कानूनी प्रक्रिया के दौरान किसी भी बच्चे को दोबारा मानसिक आघात (ट्रॉमा) न झेलना पड़े। इंटरपोल का मानना है कि बच्चों के खिलाफ ऑनलाइन अपराध सीमाओं से परे हैं, इसलिए केवल अंतरराष्ट्रीय सहयोग के ज़रिए ही इन अपराधियों की पूरी कड़ियों को तोड़ा जा सकता है।
इस वैश्विक पहल का एक महत्वपूर्ण उदाहरण दिसंबर 2025 में सिंगापुर में आयोजित Victim Identification Task Force (VIDTF) के दौरान देखने को मिला। इस ऑपरेशन में भारत सहित 19 देशों के 28 विशेषज्ञ पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान 33,000 से अधिक संदिग्ध फोटो और वीडियो की जांच की गई, जिसके परिणामस्वरूप 136 मासूम बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित किया गया और 70 संदिग्ध अपराधियों को ट्रैक किया गया। इन अपराधियों पर अब कई देशों में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इंटरपोल का साफ मानना है कि बच्चों के खिलाफ ऑनलाइन अपराधों से निपटने के लिए किसी एक देश की कोशिश पर्याप्त नहीं है। ‘Preventing the Cycle of Harm’ के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सहयोग, आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षित जांच टीमों के ज़रिए बच्चों के शोषण की इस वैश्विक कड़ी को तोड़ने की दिशा में ठोस और प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
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