अहमदाबाद विमान हादसे पर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही फेक वीडियो से सतर्क रहें
12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 टेकऑफ के कुछ मिनट बाद ही मेघानीनगर इलाके के पास क्रैश हो गई। इस दर्दनाक हादसे में 242 लोग सवार थे, जिसमें 230 यात्री, 10 केबिन क्रू और दो पायलट शामिल थे। प्लेन क्रैश होते ही घटनास्थल से काले धुएं का गुबार उठता देखा गया और फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।
इस भयावह दुर्घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल हो रही हैं, लेकिन इनमें से कई फर्जी हैं। भारत सरकार के सूचना प्रसारण मंत्रालय के तहत काम करने वाले पत्र सूचना कार्यालय (PIB) ने एक ऐसी ही फेक वीडियो को लेकर चेतावनी दी है। PIB के अनुसार, एक व्यक्ति दीपक शर्मा ने जो वीडियो शेयर की है, वह नेपाल में जनवरी 2023 में हुए विमान हादसे की है, न कि अहमदाबाद की। यह भ्रामक वीडियो सोशल मीडिया पर एयर इंडिया क्रैश के नाम से वायरल की जा रही है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अहमदाबाद विमान हादसे से जुड़ी प्रामाणिक जानकारी केवल आधिकारिक सूत्रों जैसे एयर इंडिया के सोशल मीडिया हैंडल ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) और उनकी वेबसाइट से ही प्राप्त करें। एयर इंडिया ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है:
“फ्लाइट AI171 अहमदाबाद से लंदन गैटविक के लिए रवाना हुई थी और आज 12 जून को दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हम विवरण की जांच कर रहे हैं और उचित जानकारी अपने सोशल मीडिया हैंडल और वेबसाइट पर साझा करेंगे।”
सोशल मीडिया पर एक पुरानी वीडियो को अहमदाबाद विमान हादसे से जोड़कर साझा किया जा रहा है। #PIBFactCheck
▶️ वीडियो नेपाल में जनवरी 2023 में हुए विमान हादसे की है।
▶️ आधिकारिक स्त्रोतों से प्राप्त सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
▶️ अहमदाबाद विमान हादसे से जुड़ी प्रामाणिक जानकारी के… pic.twitter.com/5YUtbGbsa7
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) June 12, 2025
दुर्घटना के समय विमान का संचालन कैप्टन सुमीत सभरवाल कर रहे थे, जो एयर इंडिया के अनुभवी पायलट हैं और 8200 से अधिक घंटे की उड़ान का अनुभव रखते हैं, जबकि फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर ने 1,100 घंटे की उड़ान भरी थी। टेकऑफ के तुरंत बाद मेडे कॉल जारी किया गया था, लेकिन उसके बाद कॉकपिट से कोई और संपर्क नहीं हो सका।
जनता से अपील है कि वे फेक कंटेंट शेयर करने से बचें, अफवाह फैलाने वालों से सावधान रहें और किसी भी जानकारी के लिए सरकारी हेल्पलाइन नंबर 1800 5691 444 पर संपर्क करें।
ऐसे संकट के समय गलत सूचनाएं न सिर्फ भ्रम पैदा करती हैं, बल्कि पीड़ित परिवारों की पीड़ा को और बढ़ा सकती हैं। इसलिए, फर्जी वीडियो और अफवाहों से बचें, और सिर्फ आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।