दिल्ली के Palam इलाके में हुए भीषण आग हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है। साधनगर में लगी इस भयावह आग में एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत हो गई, जिसमें मां-बेटी की दर्दनाक कहानी ने सभी को भावुक कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, 70 साल की लाडो कश्यप तेजी से फैलती आग के बीच ऊपर नहीं पहुंच पाईं। ऐसे में उनकी बेटी हिमांशी ने उन्हें अकेला छोड़ने से इनकार कर दिया। दोनों ने जान बचाने के लिए बाथरूम में शरण ली, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि दोनों जिंदा जल गईं।
मां-बेटी का अटूट रिश्ता
प्रत्यक्षदर्शियों और रिश्तेदारों के अनुसार, हिमांशी चाहती तो खुद बच सकती थी, लेकिन उसने आखिरी सांस तक अपनी मां का साथ नहीं छोड़ा। दोनों के शव एक साथ मिले, जो इस त्रासदी की सबसे दर्दनाक तस्वीर बन गए।

परिवार के 9 लोगों की मौत
इस हादसे में कश्यप परिवार के 9 सदस्यों की जान चली गई। मृतकों में लाडो कश्यप, उनकी बेटी हिमांशी, बेटे कमल और प्रवेश, कमल की पत्नी आशु, उनके तीन बच्चे और अनिल की पत्नी दीपिका शामिल हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन पर उठे सवाल
हादसे के बाद फायर ब्रिगेड की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि हाइड्रोलिक लैडर समय पर काम नहीं कर पाया, जिससे रेस्क्यू में देरी हुई। मामले की न्यायिक जांच शुरू कर दी गई है।
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