प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के हंसलपुर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वैश्विक निवेशकों और साझेदारों के लिए भारत की बढ़ती ताकत और संभावनाओं पर जोर दिया। अपने संबोधन में उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अप्रत्यक्ष रूप से संदेश देते हुए कहा कि भारत के पास लोकतंत्र की शक्ति है, डेमोग्राफी का लाभ है और स्किल्ड वर्कफोर्स का विशाल पूल है, जो हर वैश्विक साझेदार के लिए विन-विन स्थिति बनाता है।
मोदी ने उदाहरण दिया कि सुज़ुकी जापान भारत में मैन्युफैक्चरिंग कर रही है और यहां बनी गाड़ियां वापस जापान को निर्यात हो रही हैं। यह न सिर्फ भारत और जापान के रिश्तों की मजबूती का प्रतीक है, बल्कि भारत पर बढ़ते वैश्विक भरोसे को भी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि मारुति सुज़ुकी जैसी कंपनियां मेक इन इंडिया की ब्रांड एंबेसडर बन चुकी हैं। लगातार चार साल से मारुति भारत की सबसे बड़ी कार निर्यातक बनी हुई है।
#WATCH | Ahmedabad, Gujarat: Prime Minister Narendra Modi says, "The major initiative to realize the industrial potential of the India-Japan partnership began right here in Gujarat. I remember, when we started the Vibrant Gujarat Summit 20 years ago, Japan was a key partner. Just… pic.twitter.com/ZiwaGQUDnC
— ANI (@ANI) August 26, 2025
प्रधानमंत्री ने ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) सेक्टर पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि आज से ईवी एक्सपोर्ट को नई ऊँचाइयों पर ले जाने की शुरुआत हो रही है। आने वाले समय में दुनिया के कई देशों में चलने वाली ईवी पर “Made in India” लिखा होगा। मोदी ने कहा कि ईवी इकोसिस्टम का सबसे अहम हिस्सा बैटरी है, जो पहले पूरी तरह आयात पर निर्भर थी। लेकिन अब 2017 में नींव रखे गए टीडीएसजी बैटरी प्लांट के जरिए भारत में ही सेल का निर्माण शुरू हुआ है। तीन जापानी कंपनियां मिलकर भारत में पहली बार बैटरी सेल तैयार करेंगी।
मोदी ने यह भी बताया कि पहले ईवी को केवल एक विकल्प माना जाता था, लेकिन आज यह कई समस्याओं का ठोस समाधान है। उन्होंने कहा कि सिंगापुर दौरे के दौरान उन्होंने सुझाव दिया था कि पुरानी गाड़ियों और एंबुलेंस को हाइब्रिड ईवी में बदला जा सकता है। इस चुनौती को मारुति सुज़ुकी ने स्वीकार किया और एक हाइब्रिड एंबुलेंस का प्रोटोटाइप भी तैयार किया है।
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने सभी राज्यों को भी संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है। ऐसे समय में कोई भी राज्य पीछे नहीं रहना चाहिए। निवेशकों के लिए यह स्थिति होनी चाहिए कि वे उलझन में पड़ जाएं कि किस राज्य में जाएं। उन्होंने राज्यों से आह्वान किया कि वे सुधार की प्रतिस्पर्धा करें, विकासोन्मुख नीतियों की प्रतिस्पर्धा करें और सुशासन की प्रतिस्पर्धा करें।
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