मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले से लापता हुई 15 वर्षीय नाबालिग दलित बच्ची को पुलिस ने इंदौर से बरामद कर लिया है। पुलिस के अनुसार, बच्ची दो दिन पहले चिमनगंज मंडी थाना क्षेत्र से लापता हुई थी। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और 48 घंटे के भीतर बच्ची को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, मामले में एक मुस्लिम नाबालिग लड़के और उसकी सहयोगी के शामिल होने की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने बच्ची को बुर्का पहनाकर अपने एक रिश्तेदार के घर छिपाकर रखा था। बच्ची के बयान के आधार पर पुलिस ने बुधवार देर रात आरोपितों के खिलाफ रेप का मामला दर्ज किया है और आगे की जांच जारी है।
व्हाट्सऐप चैट से खुलासे, ब्रेनवॉश और बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप
जांच के दौरान पुलिस को कुछ व्हाट्सऐप चैट्स मिली हैं, जिनसे पता चला कि आरोपी पिछले छह महीनों से बच्ची के संपर्क में था। पुलिस के मुताबिक, पहले आरोपी ने बच्ची को प्रेमजाल में फंसाया और कथित तौर पर उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में उसने अपने एक दोस्त को भी बच्ची के पीछे लगा दिया। जांच में यह भी सामने आया कि बच्ची की एक सहेली की भूमिका संदिग्ध है, जिसने कथित रूप से उसका ब्रेनवॉश करने में मदद की।
धर्मांतरण की आशंका, जांच जारी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में धर्मांतरण की आशंका भी जांच के दायरे में है। बच्ची को घर से दूर ले जाने और उसे अलग पहचान में रखने के पीछे की पूरी साजिश का पता लगाने के लिए पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि बच्ची को भगाने या छिपाने में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हिंदू जागरण मंच ने उठाए सवाल
इस मामले को लेकर हिंदू जागरण मंच ने इसे ‘ग्रूमिंग गैंग पैटर्न’ बताते हुए साजिश का आरोप लगाया है। संगठन के पदाधिकारी अर्जुन भदौरिया ने कहा कि नाबालिग को बहला-फुसलाकर घर से ले जाया गया और उसे धर्म परिवर्तन के लिए उकसाने की कोशिश की गई। हालांकि पुलिस ने कहा है कि सभी पहलुओं की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।
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