16 मार्च 1993 को पश्चिम बंगाल के Kolkata के भीड़भाड़ वाले Bowbazar इलाके में एक भयानक बम धमाका हुआ था। इस हादसे में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे।
यह घटना उस समय हुई जब देश अभी 1993 Bombay bombings से उबर भी नहीं पाया था। मुंबई धमाकों के सिर्फ तीन दिन बाद कोलकाता में हुए इस विस्फोट ने पूरे देश को झकझोर दिया था।
आधी रात को हुआ था भीषण विस्फोट
16 मार्च 1993 की आधी रात को बोबाजार इलाके की एक इमारत में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना शक्तिशाली था कि पूरी इमारत ढह गई और आसपास की कई इमारतों को भी भारी नुकसान पहुँचा।
विस्फोट के कारण इलाके में आग लग गई और कई घंटों तक राहत एवं बचाव कार्य चलता रहा। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव दलों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
𝐓𝐡𝐢𝐬 𝐃𝐚𝐲, 𝐓𝐡𝐚𝐭 𝐘𝐞𝐚𝐫.
In March 1993, India witnessed one of the darkest chapters in its history. A series of coordinated bomb blasts ripped through Mumbai, killing over 250 people and injuring hundreds more. The nation was still reeling from that devastating act of… pic.twitter.com/cXxugrsJBb
— BJP (@BJP4India) March 16, 2026
गुप्त बम बनाने की वर्कशॉप का खुलासा
जांच में सामने आया कि बोबाजार इलाके में रहने वाले Mohammad Rashid Khan ने अपने दफ्तर के ऊपर एक कमरे में बम बनाने की गुप्त वर्कशॉप बना रखी थी।
वहाँ भारी मात्रा में विस्फोटक और तैयार बम रखे गए थे। बताया गया कि इन बमों को शहर के अलग-अलग इलाकों में रखकर सांप्रदायिक दंगे भड़काने की साजिश रची जा रही थी।
लेकिन अचानक सभी विस्फोटक एक साथ फट गए और बड़ा हादसा हो गया।
दो इमारतें ढही, कई में लगी आग
इस विस्फोट में:
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दो इमारतें पूरी तरह ढह गईं
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आसपास की कई इमारतों में आग लग गई
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पूरे इलाके में दहशत फैल गई
पुलिस और राहत दलों ने घंटों तक मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकाला।
CBI जांच और उम्रकैद की सजा
इस मामले की जांच Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंपी गई। जांच एजेंसी ने 100 से ज्यादा लोगों को आरोपी बनाया।
लंबी सुनवाई के बाद साल 2001 में अदालत ने मोहम्मद राशिद खान और उसके पांच साथियों को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
इन पर उस समय के कड़े आतंकवाद विरोधी कानून Terrorist and Disruptive Activities (Prevention) Act (TADA) के तहत कार्रवाई की गई थी।
33 साल बाद फिर चर्चा में घटना
इस घटना के 33 साल पूरे होने पर Bharatiya Janata Party (BJP) ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस आतंकी हमले को याद किया।
पार्टी ने 1993 के मुंबई और कोलकाता धमाकों का जिक्र करते हुए उस समय की Indian National Congress सरकार पर निशाना साधा।
आज भी याद दिलाता है आतंक का दर्द
कोलकाता का बोबाजार बम धमाका भारत के उन बड़े आतंकी हमलों में शामिल है, जिसने देश को सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को लेकर गंभीर सोचने पर मजबूर किया।
हालांकि समय के साथ यह घटना लोगों की यादों से धुंधली होती गई, लेकिन 33 साल बाद इसे फिर याद किया जा रहा है।
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