भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए व्यापार समझौते के बाद दोनों देशों के रिश्तों में नई मजबूती देखने को मिल रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ को घटाकर 18% कर दिया है, जिसे द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। इस समझौते के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिका में आयोजित क्रिटिकल मिनरल्स पर पहली मंत्री स्तरीय बैठक में हिस्सा लिया और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।
क्रिटिकल मिनरल्स और रणनीतिक साझेदारी पर जोर
2 से 4 फरवरी के बीच अमेरिका दौरे पर रहे विदेश मंत्री जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस दौरान क्वाड (भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान) के माध्यम से बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर सहमति बनी। दोनों पक्षों ने परमाणु सहयोग, रक्षा साझेदारी, ऊर्जा सुरक्षा, अहम खनिजों और व्यापार जैसे प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। जयशंकर ने अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट से भी मुलाकात कर भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर विचार किया।
Delighted to meet US @SecRubio this afternoon.
A wide ranging conversation that covered our bilateral cooperation agenda, regional and global issues.
Facets of India – US Strategic Partnership discussed included trade, energy, nuclear, defence, critical minerals and… pic.twitter.com/1rbXJHgEQY
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) February 3, 2026
टैरिफ विवाद के बीच भारत की सख्त रणनीति
सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ और दबाव के बावजूद भारत ने अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखी। भारत ने अमेरिकी शर्तों पर झुकने से इनकार किया और रूस से कच्चे तेल की खरीद जारी रखी। अंततः अमेरिका ने ही भारत के साथ व्यापार समझौते की दिशा में कदम बढ़ाया। इस घटनाक्रम को पाकिस्तान में भी चर्चा का विषय बनाया गया, जहां शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर की ट्रंप को खुश करने की कोशिशों की आलोचना हुई।
NSA अजित डोभाल का सऊदी दौरा और सुरक्षा सहयोग
इसी बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल पांच दिवसीय दौरे पर सऊदी अरब पहुंचे हैं। पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुए हालिया रक्षा समझौते के बाद भारत की ओर से यह महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय यात्रा मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, सऊदी अरब भारत को इस रक्षा समझौते के बारे में ब्रीफ करेगा और क्षेत्रीय सुरक्षा तथा गाजा शांति योजना पर भी चर्चा होगी।
Hon’ble NSA Shri Ajit Doval held a productive meeting with the Saudi Minister of State, Member of the Cabinet, and National Security Adviser, H.E. Dr. Musaed bin Mohammed Al-Aiban. The discussions covered bilateral cooperation as well as regional and other issues of mutual… pic.twitter.com/RZf0vF1OtF
— India in Saudi Arabia (@IndianEmbRiyadh) February 4, 2026
डोभाल का दौरा संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल-नाहयान की हालिया भारत यात्रा के बाद हो रहा है, जिसमें भारत-यूएई रणनीतिक रक्षा साझेदारी और द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया था।
आतंकवाद पर भारत-सऊदी सहयोग मजबूत
सऊदी अरब ने हाल ही में द्विपक्षीय सुरक्षा बैठक में पहलगाम और लाल किला आतंकी हमलों की निंदा करते हुए आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। भारत ने पहलगाम हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया था और जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान व PoK स्थित आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी। क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग अब भारत-सऊदी संबंधों का प्रमुख हिस्सा बनते जा रहे हैं।
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