देश के कई बड़े शहरों—दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, अहमदाबाद और बेंगलुरु—के हवाई अड्डों पर इस समय अफरा-तफरी का माहौल है। इंडिगो की गंभीर परिचालन समस्या के चलते पिछले तीन दिनों में करीब 400 उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। हजारों यात्री 10–12 घंटों से एयरपोर्ट पर फँसे इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उड़ानें लगातार रद्द होने या घंटों की देरी से चलने के कारण उनकी यात्रा अनिश्चित बनी हुई है। केवल गुरुवार को ही दिल्ली से 30, हैदराबाद में 33 और बेंगलुरु में 73 फ्लाइटें कैंसल की गईं। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने इस व्यापक अव्यवस्था के लिए स्टाफ की भारी कमी को जिम्मेदार ठहराया है।
हवाई अड्डों पर अराजक स्थिति
यात्रियों का कहना है कि एयरलाइन के कर्मचारी स्पष्ट जानकारी देने की स्थिति में नहीं हैं। कई यात्रियों—खासकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों—को एयरपोर्ट पर ही 12–14 घंटे बिताने पड़े हैं। बेंगलुरु और हैदराबाद से विशेष रूप से गंभीर तस्वीरें सामने आई हैं, जहाँ कुछ लोग 15 घंटे से अधिक समय से फँसे हुए हैं और हर बार उन्हें “क्रू आ रहा है, फ्लाइट जल्द उड़ जाएगी” जैसी आश्वासनात्मक जानकारी ही मिल रही है। बुधवार को दोपहर तक लगभग 200 उड़ानें और गुरुवार को 170 उड़ानें रद्द हुईं, जिससे भीड़ और गुस्सा बढ़ गया।
India's low-cost carrier IndiGo is currently going through a major operational problem, causing inconvenience to thousands of passengers, kept continuing till this Day.
For the third consecutive day, many flights were reported to have been canceled at different airports across… pic.twitter.com/MfI6jyTRtB
— FL360aero (@fl360aero) December 4, 2025
FDTL नियमों के बाद बढ़ा संकट
इंडिगो की परेशानी नई Flight Duty Time Limitation (FDTL) नियमों के लागू होने के बाद बढ़ी है। DGCA के बनाए ये नियम पायलट और क्रू को पर्याप्त आराम देने के लिए अधिक मानवीय रोस्टरिंग सुनिश्चित करते हैं। लेकिन इन नियमों का पालन करने के लिए एयरलाइन के पास पर्याप्त प्रशिक्षित स्टाफ नहीं है, जिसके परिणामस्वरूप उड़ानों में भारी देरी और रद्दीकरण देखने को मिल रहे हैं। कई उड़ानें इस वजह से भी रद्द की गईं क्योंकि केबिन क्रू उपलब्ध नहीं था।
एयरलाइन के संचालन में भारी अव्यवस्था
एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक इंडिगो की ओटीपी (On-Time Performance) में भारी गिरावट आई है और यह 19.7% तक पहुँच गई—जो इंडिगो जैसी समयबद्धता के लिए प्रसिद्ध एयरलाइन के लिए अभूतपूर्व स्थिति है। पिछले तीन दिनों में 400 से अधिक उड़ानें रद्द होने और सैकड़ों में 7–8 घंटे की देरी ने असर को और गंभीर बना दिया है।
इंडिगो का बयान और यात्रियों के लिए व्यवस्था
इंडिगो ने बयान जारी कर कहा कि ऑपरेशनल चुनौतियाँ—जैसे तकनीकी दिक्कतें, सर्दियों का संशोधित शेड्यूल, बढ़ा हुआ एयर ट्रैफिक, मौसम की समस्या और नए क्रू रोस्टरिंग नियम—इस संकट की मुख्य वजह हैं। एयरलाइन ने अगले 48 घंटों के लिए उड़ान शेड्यूल में बदलाव करने का निर्णय लिया है ताकि हालात सामान्य किए जा सकें। कंपनी प्रभावित यात्रियों को वैकल्पिक यात्रा विकल्प या रिफंड उपलब्ध करा रही है। साथ ही, यात्रियों से एयरपोर्ट पहुँचने से पहले वेबसाइट पर फ्लाइट स्टेटस चेक करने की अपील की गई है।
देरी और रद्दीकरण का पैमाना
DGCA के अनुसार, नवंबर में इंडिगो की 1,232 उड़ानें रद्द हुईं, जिनमें से 755 एफडीटीएल और क्रू की कमी से प्रभावित थीं। ATC सिस्टम फेलियर, एयरस्पेस प्रतिबंध और अन्य समस्याओं ने भी उड़ानों को प्रभावित किया। इंडिगो की OTP भी भारी गिरावट के साथ अक्टूबर के 84% से घटकर नवंबर में 67.7% पर पहुँच गई।
DGCA की कार्रवाई
DGCA ने मामले का संज्ञान लेते हुए इंडिगो को तुरंत रिपोर्ट पेश करने और देरी-रद्दीकरण को कम करने की रणनीति बताने के लिए तलब किया है। एयरलाइन को क्रू प्लानिंग मजबूत करने, ATC व एयरपोर्ट अधिकारियों के साथ समन्वय बढ़ाने, और टर्नअराउंड प्रक्रिया सुधारने के निर्देश दिए गए हैं।
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