ओडिशा के कालाहांडी जिले के दूरस्थ वन क्षेत्र स्थित वीरीमुहन गाँव में एक महत्वपूर्ण धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 136 लोगों की ‘घर वापसी’ कराई गई। धर्म जागरण समन्वय विभाग के नेतृत्व में इन सभी लोगों को विधि-विधान, मंत्रोच्चारण और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पुनः सनातन धर्म में शामिल किया गया।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि BJP नेता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने स्वयं इन लोगों के पैर पखारकर इस प्रक्रिया को संपन्न कराया। अपने संबोधन में उन्होंने स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती को याद करते हुए कहा कि उन्होंने कंधमाल क्षेत्र में जनजातीय समाज को उनके मूल धर्म से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया था, लेकिन वर्ष 2008 में उनकी हत्या कर दी गई थी।
इस अवसर पर स्वामी जनकानन्द गिरी, गुरुकुल आश्रम आमसेना के सन्यासी कुंजदेव मनीषी, धर्म जागरण के क्षेत्र प्रमुख विनय कुमार भुइयां, ओडिशा प्रांत प्रमुख वीर विक्रम आचार्य, कालाहांडी जिला प्रमुख संतोष कुमार पांडा और बलांगीर जिला संयोजक प्रकाश चन्द्र ठाकुर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि कालाहांडी क्षेत्र लंबे समय से धर्म परिवर्तन के मामलों को लेकर चर्चा में रहा है। स्थानीय जनजातीय समाज की आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों का लाभ उठाकर मतांतरण की घटनाओं की बात सामने आती रही है। ऐसे में इस तरह का आयोजन क्षेत्र में विशेष महत्व रखता है।
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