Gujarat के चर्चित Una incident 2016 मामले में आखिरकार अदालत का फैसला आ गया है।
Gir Somnath सेशन कोर्ट ने 42 आरोपितों में से 5 को दोषी करार दिया, जबकि 35को बरी कर दिया।
5 दोषियों को 5 साल की सजा
कोर्ट ने दोषी ठहराए गए 5 आरोपितों को 5-5 साल की जेल की सजा सुनाई है।
दोषियों में:
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Ramesh Jadav
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Rakesh Joshi
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Nagjibhai Vaniya
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Pramodgiri Goswami
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Balvantgiri Goswami
शामिल हैं।
किन धाराओं में सजा?
दोषियों को IPC की कई धाराओं के तहत सजा दी गई है:
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धारा 323 (मारपीट)
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धारा 324 (हथियार से हमला)
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धारा 504 (अपमान)
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धारा 506(2) (आपराधिक धमकी)
साथ ही SC/ST Act India की धाराएँ भी लागू की गई हैं।
पुलिसकर्मियों समेत कई आरोपी बरी
मामले में तत्कालीन पुलिस इंस्पेक्टर Nirmal Singh Zala सहित 4 पुलिसकर्मियों और अन्य आरोपितों को सबूत के अभाव में बरी कर दिया गया।
सुनवाई के दौरान इंस्पेक्टर झाला का निधन हो चुका था।
शिकायतकर्ता ने जताई नाराजगी
मामले के शिकायतकर्ता Vashram Sarvaiya ने इस फैसले को “दुखद” बताया है।
उन्होंने कहा कि वे इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट और Supreme Court of India में अपील करेंगे।
क्या था पूरा मामला?
यह घटना 11 जुलाई 2016 को हुई थी, जब ऊना के समधियाला गाँव में कुछ लोगों ने मृत गाय की खाल उतार रहे दलित युवकों को घेर लिया था।
आरोप है कि उन्हें कार से बांधकर सार्वजनिक रूप से पीटा गया, जिसका वीडियो वायरल होने के बाद देशभर में आक्रोश फैल गया था।
बढ़ सकता है कानूनी विवाद
इस फैसले के बाद मामला एक बार फिर कानूनी और सामाजिक बहस का केंद्र बन सकता है।
शिकायतकर्ता द्वारा अपील की घोषणा के बाद यह मामला उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट तक जा सकता है।
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