इन दिनों फिल्म ‘धुरंधर’ का बुखार दर्शकों के सिर चढ़कर बोल रहा है। थिएटर में रिलीज़ होने के बाद से यह स्पाई थ्रिलर लगातार चर्चा में बनी हुई है। रणवीर सिंह की दमदार अदाकारी, अक्षय खन्ना की प्रभावशाली एंट्री और 26/11 जैसे संवेदनशील दृश्यों ने दर्शकों को भीतर तक झकझोर दिया है। यह फिल्म सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने भारत के असली जासूसों की रहस्यमयी दुनिया को भी एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
खासतौर पर फिल्म में आर माधवन द्वारा निभाया गया आईबी डायरेक्टर अजय सान्याल का किरदार काफी चर्चा में है। माना जा रहा है कि यह किरदार भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल से प्रेरित है। डोभाल ने 1980 के दशक में करीब सात साल पाकिस्तान में अंडरकवर रहते हुए खुफिया ऑपरेशन किए थे। इस दौरान वे अपनी पहचान छिपाकर एक मुस्लिम के रूप में अलग-अलग इलाकों में रहे।
हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान जब अजित डोभाल से उन दिनों और ‘धर्म संकट’ को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने लाहौर से जुड़ा एक ऐसा किस्सा सुनाया, जो रोंगटे खड़े कर देता है। यह घटना बताती है कि दुश्मन की जमीन पर हर पल जिंदगी कैसे दांव पर लगी रहती है और एक छोटा सा सवाल भी मौत की वजह बन सकता है।
Ajit doval spent 7 yrs disguised as begger in Pakistan! Hear it from the OG Dhurandhar! 🔥❤️ pic.twitter.com/WDvCnzZmyg
— Shilpa (@shilpa_cn) December 15, 2025
डोभाल ने बताया कि एक दिन वह मस्जिद से लौट रहे थे, तभी उन्होंने एक कोने में बैठे एक बुज़ुर्ग व्यक्ति को देखा। लंबी सफेद दाढ़ी वाले उस शख्स ने उन्हें पास बुलाया और अचानक सवाल कर दिया—“तुम हिंदू हो?” यह सुनते ही हालात बेहद खतरनाक हो गए। डोभाल ने तुरंत इनकार किया, लेकिन बुज़ुर्ग उन्हें एक छोटे कमरे में ले गया और उनके कानों की ओर इशारा करते हुए बोला कि कुछ इलाकों में हिंदू बच्चों के कान छेदने की परंपरा होती है।
डोभाल ने जवाब दिया कि वे जन्म से हिंदू थे, लेकिन बाद में धर्म परिवर्तन कर लिया। इसके बावजूद बुज़ुर्ग उनकी बात से संतुष्ट नहीं हुआ। उसने कहा कि वे अब भी पूरी तरह धर्म नहीं बदले हैं और पहचान छुपाने के लिए कानों की प्लास्टिक सर्जरी कराने की सलाह दी।
इसके बाद उस बुज़ुर्ग ने एक अलमारी खोली, जिसमें भगवान शिव और माता दुर्गा की छोटी-छोटी मूर्तियां रखी थीं। उसने बताया कि सांप्रदायिक हिंसा में उसका पूरा परिवार मारा गया था और अब वह जान बचाने के लिए झूठी पहचान में जी रहा है। उसने कहा कि वह खुद भी हिंदू है और आज भी चोरी-छिपे अपनी आस्था निभाता है।
‘धुरंधर’ की रिलीज़ के बाद यह किस्सा एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। लोग अजित डोभाल को अब ‘ओरिजिनल धुरंधर’ कह रहे हैं, जिनकी असल जिंदगी की कहानियां किसी भी फिल्मी कहानी से कहीं ज़्यादा रोमांचक और खौफनाक हैं।
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