लोकसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा की शुरुआत करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद को संबोधित करते हुए अपने वक्तव्य में भारतीय सेना के अदम्य साहस और रणनीतिक सफलता को रेखांकित किया। उन्होंने सबसे पहले उन वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने कहा कि पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से निर्णायक कार्रवाई की और आतंकियों को करारा जवाब दिया। इस ऑपरेशन की योजना अत्यंत सूझबूझ, रणनीतिक समन्वय और व्यापक खुफिया जानकारी के आधार पर बनाई गई थी।
#WATCH | Delhi | During debate in Lok Sabha on Operation Sindoor, Defence Minister Rajnath Singh says, "…Soon after Pahalgam attack, our Armed Forces took action and hit with precision the nine terrorist infra sites in which more than 100 terorrists, their trainers and handlers… pic.twitter.com/LlciHlbfWt
— ANI (@ANI) July 28, 2025
राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर किसी भी दबाव में रोका नहीं गया था, जैसा कि विपक्ष द्वारा आरोप लगाया गया। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन में भारतीय सशस्त्र बलों ने पूर्ण समन्वय के साथ 9 आतंकी बुनियादी ढांचों को सफलतापूर्वक ध्वस्त किया। ऑपरेशन केवल 22 मिनट में पूरा किया गया, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों के 100 से अधिक आतंकवादी, उनके प्रशिक्षक, हैंडलर और सहयोगी मारे गए।
During debate in Lok Sabha on Operation Sindoor, Defence Minister Rajnath Singh says, "Soon after Pahalgam attack, our Armed Forces took action and hit with precision the nine terrorist infra sites in which more than 100 terorrists, their trainers and handlers were targeted." pic.twitter.com/VEGlRrnfJv
— ANI (@ANI) July 28, 2025
उन्होंने यह भी बताया कि भारत की यह कार्रवाई पूरी तरह से आत्मरक्षा में की गई थी, न कि किसी आक्रामक मंशा के तहत। बावजूद इसके, पाकिस्तान ने 10 मई को करीब 1:30 बजे मिसाइलों, ड्रोन, रॉकेट और लंबी दूरी के हथियारों से भारत पर हमला करने की कोशिश की, जिसे भारतीय वायु रक्षा प्रणालियों जैसे कि S-400, आकाश मिसाइल सिस्टम, और काउंटर-ड्रोन तकनीकों ने पूरी तरह से विफल कर दिया। रक्षा मंत्री ने गर्व से कहा कि भारत की सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य थी और पाकिस्तान एक भी लक्ष्य को भेदने में असफल रहा।
On Operation Sindoor, Defence Minister Rajnath Singh says, "Our actions were entirely in self-defence, neither provocative nor expansionist. Yet, on May 10, 2025, at approximately 1:30 AM, Pakistan launched a large-scale attack on India using missiles, drones, rockets, and other… pic.twitter.com/6CUXlcdg3x
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रक्षा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत ने ऑपरेशन रोकने का निर्णय इसलिए लिया क्योंकि उसके सैन्य और राजनीतिक उद्देश्य पहले ही प्राप्त हो चुके थे। उन्होंने विपक्ष द्वारा लगाए गए दबाव के आरोप को निराधार बताया और कहा कि उनके राजनीतिक जीवन में उन्होंने कभी झूठ नहीं बोला, और आज भी वे वही सिद्धांत निभा रहे हैं।
राजनाथ सिंह ने यह भी दोहराया कि नरेंद्र मोदी सरकार की नीति स्पष्ट है—बातचीत और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा शांति की पहल की है, लेकिन जब भी देश की संप्रभुता पर खतरा आया है, भारत ने कड़ा जवाब दिया है, चाहे वह 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक हो, 2019 की बालाकोट एयरस्ट्राइक हो या 2025 का ऑपरेशन सिंदूर।
On Operation Sindoor, Defence Minister Rajanth Singh says, "Our government has also made numerous efforts to establish peace with Pakistan. But later, through the 2016 surgical strike, the 2019 Balakot air strike, and the 2025 Operation Sindoor, we have adopted a different path… pic.twitter.com/62kUx9m86R
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अंत में, विपक्ष के कुछ सवालों पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि सवाल पूछना ही है, तो यह पूछा जाना चाहिए कि क्या आतंकवादी ठिकाने नष्ट हुए? क्या ऑपरेशन सफल रहा? क्या दुश्मन के विमान गिराए गए? और इन सभी सवालों का जवाब है—हां। उन्होंने गर्व से कहा कि इस पूरे ऑपरेशन में भारत का कोई भी सैनिक घायल नहीं हुआ, जो भारतीय सेना की ताकत और ऑपरेशन की कुशल रणनीति का प्रमाण है।