भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना और इंदौर के संगीतकार पलाश मुछाल की हाई-प्रोफाइल शादी आखिरकार टूट गई। जानकर हैरानी होती है कि शादी के ठीक पहले रिश्ता टूटने का यह कोई अकेला मामला नहीं है। पिछले कुछ समय में ऐसी घटनाओं में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है। पता चला कि शहर में 1 नवंबर से 8 दिसंबर के बीच 40 दिनों में 3,000 से अधिक शादियाँ तय हुईं, जिनमें से 150 से अधिक विवाह अंतिम समय पर रद्द हो गए।
अधिकांश मामलों में सोशल मीडिया पर उपलब्ध पुरानी पोस्ट, कमेंट या अकाउंट हिस्ट्री ही रिश्ते टूटने की प्रमुख वजह बनी। कहीं किसी का पुराना रिश्ता सामने आ गया, तो कहीं जीवनशैली और व्यवहार को लेकर सवाल उठे। कई परिवारों ने इसके पीछे का वास्तविक कारण बताने से भी परहेज किया। इन अचानक हुए प्री-मैरिज ब्रेकअप से दोनों परिवारों को तो सदमा लगा ही, साथ ही वेडिंग प्लानर, होटल, गार्डन, कैटरर, डेकोरेटर, बैंड-बाजा और मेकअप आर्टिस्ट जैसे सेवा प्रदाताओं को भी भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा।
इंदौर का एक मामला सामने आया जिसमें लड़की और गुजरात के युवक की शादी नवंबर के अंत में होनी थी। प्री-वेडिंग शूट के लिए युवक इंदौर आया तो सोशल मीडिया की पुरानी पोस्टों को लेकर दोनों में विवाद हो गया। युवक वापस गुजरात लौटा और शादी से इनकार कर दिया। शादी की सभी तैयारियाँ और बुकिंग पूरी हो चुकी थीं, लेकिन विवाद ने रिश्ते को तोड़ दिया।
वहीं एक अन्य हाई-प्रोफाइल विवाह में बायपास स्थित बड़े होटल में दो दिन का भव्य कार्यक्रम होना था। डेकोरेशन पर ही करीब एक करोड़ रुपये खर्च होने थे। पहले दिन महिला संगीत कार्यक्रम संपन्न हुआ, लेकिन उसी रात दुल्हन घर से कहीं चली गई और अगले दिन शादी रद्द करनी पड़ी। बाद में पता चला कि लड़की का किसी अन्य व्यक्ति के साथ प्रेम संबंध था।
केसर बाग स्थित विट्ठल रुकमणी गार्डन में भी एक महीने के भीतर तीन शादियाँ रद्द हुईं। संचालक मयूरेश पिंगले के अनुसार, किसी ने 8 दिन पहले, तो किसी ने 15 दिन पहले कार्यक्रम निरस्त किया। पारिवारिक विवाद, अचानक बीमारी या निधन जैसी वजहें भी इन रद्दीकरणों में शामिल रहीं।
होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी के मुताबिक, 40 दिनों में 150 शादियाँ रद्द होने से वेडिंग इंडस्ट्री को करीब 25 करोड़ रुपये का उद्योगगत नुकसान हुआ है। कई बार बुकिंग अमाउंट को लेकर परिवार और आयोजकों के बीच विवाद भी उत्पन्न हो जाते हैं। वेडिंग प्लानर एसोसिएशन के अध्यक्ष देव गुप्ता का कहना है कि अधिकांश डील मौखिक होती हैं, जिसके कारण अंतिम समय पर कैंसिलेशन होने पर नुकसान उठाना पड़ता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, रिश्ते टूटने के 62% मामलों में सोशल मीडिया मुख्य कारण बनकर सामने आया है। 17% मामलों में परिवार में किसी हादसे या निधन के कारण विवाह रद्द हुए, जबकि 13% रिश्ते आपसी विवाद की वजह से टूटे। शेष 8% मामलों के पीछे अन्य विविध कारण रहे।
पिछले पाँच वर्षों में प्री-मैरिज ब्रेकअप के मामलों में लगातार वृद्धि हुई है। 60–70% मामलों में फेसबुक, इंस्टाग्राम, स्नैपचैट आदि प्लेटफॉर्म पर मौजूद पुरानी पोस्ट, लाइक, कमेंट, इमोजी से लेकर फ्रेंड लिस्ट तक विवाद की वजह बन रहे हैं। एक-दूसरे की डिजिटल हिस्ट्री खंगालने की प्रवृत्ति भी मतभेद बढ़ा रही है। पहले जहाँ दहेज या आर्थिक मामलों के कारण रिश्ते टूटते थे, अब सोशल मीडिया इस समस्या की सबसे प्रमुख वजह बनकर उभर रहा है। शादी से पहले की जीवनशैली भी ऑनलाइन देखी जाती है और कई बार यही तस्वीर रिश्ते को आगे बढ़ने से रोक देती है।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel