उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने देशविरोधी साजिश का पर्दाफाश करते हुए दो कट्टरपंथी आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो सोशल मीडिया के माध्यम से भारत में गजवा-ए-हिंद की स्थापना और शरिया कानून लागू करने की योजना बना रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों में एक अमरोहा निवासी अजमल अली और दूसरा महाराष्ट्र के बदलापुर का रहने वाला डॉ. उसामा माज शेख शामिल है।
ATS की जांच के दौरान पता चला कि ‘Reviving Islam’ नामक एक व्हाट्सएप ग्रुप में 400 से अधिक पाकिस्तानी सदस्य सक्रिय हैं और इस ग्रुप के तीन एडमिन हैं। इसी ग्रुप में एक भारतीय मोबाइल नंबर की पहचान हुई, जो अमरोहा के अजमल अली का था। पूछताछ में अजमल ने स्वीकार किया कि वह सोशल मीडिया पर राष्ट्रविरोधी और गैर-मुस्लिम विरोधी कट्टरपंथी विचार फैला रहा था और पाकिस्तानियों से भी संपर्क में था।
पूछताछ में अजमल ने यह भी खुलासा किया कि वह डॉ. उसामा माज शेख को अपना “सीनियर” और “मेंटोर” मानता है, जो उसे शरिया लागू करने और भारत की चुनी हुई सरकार को गिराने की बातें करता था। इन दोनों की बातचीत इंस्टाग्राम और सिग्नल जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर होती थी, जिनमें भारत-विरोधी साजिशें रची जा रही थीं।
ATS ने इस मामले में 1 अगस्त 2025 को केस (मु.अ.सं.-08/2025) दर्ज कर अजमल अली को गिरफ्तार किया और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। बाद में 4 अगस्त 2025 को डॉ. उसामा माज शेख को भी बदलापुर, महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर लिया गया।
ATS के अनुसार, ये दोनों अभियुक्त सोशल मीडिया के ज़रिए मुस्लिम युवकों को कट्टरपंथी बनाकर गैर-मुस्लिमों के प्रति भड़काने, उनके अंदर रोष पैदा करने और भारत विरोधी हिंसक गतिविधियों के लिए उकसाने का काम कर रहे थे। उनका उद्देश्य हिंसात्मक जिहाद के ज़रिए भारत में गजवा-ए-हिंद की नींव रखना और शरिया कानून लागू करना था।
इस कार्रवाई को लेकर ATS ने सख्त नजर रखने की बात कही है और सोशल मीडिया पर बढ़ते कट्टरपंथी नेटवर्क को लेकर सतर्कता और कड़ी निगरानी जारी रखने की बात कही है।
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